
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज (Photo-IANS)
US Blockade in Hormuz: कम से कम 15 भारतीय झंडे लगे जहाज वर्तमान में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत फेल होने के बाद ईरानी बंदरगाहों को ब्लॉकेड करने की धमकी दी है। इसके कारण एकबार फिर विश्व के व्यस्ततम जलमार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
वहीं, स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब यूएस सेंट्रल कमांड ने सोमवार से ईरानी बंदरगाहों (अरब की खाड़ी और गल्फ ऑफ ओमान) पर सख्ती से लागू करने की घोषणा की। गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर औपचारिक रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन घोषणा के तुरंत बाद शिपिंग गतिविधि तेजी से कम हो गई। शुरुआती ट्रैकिंग रिपोर्ट्स में जलडमरूमध्य पार करने वाले जहाजों की संख्या में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई।
इस व्यवधान के बीच भारतीय नौसेना ने क्षेत्र में संचालित व्यापारिक जहाजों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा है। कम से कम 6 भारतीय नौसेना के जहाज वर्तमान में फारस की खाड़ी के पास तैनात हैं और संचार, निगरानी तथा व्यावसायिक यातायात के लिए सुरक्षित मार्ग की सलाह देने में सहायता कर रहे हैं।
एक जहाज, एलपीजी टैंकर जग विक्रम, 11 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब 15 अप्रैल को मुंबई पहुंचने के अनुमानित समय के साथ रास्ते में है। यह जहाज लगभग 20,400 टन एलपीजी ले जा रहा है और इस पर 24 चालक दल के सदस्य हैं। यह वर्तमान में भारतीय नौसेना के एस्कॉर्ट के साथ अरब सागर में है।
समुद्री गतिविधियों पर नजर रख रहे अधिकारियों के अनुसार, व्यापक क्षेत्र में संचालित 25 भारतीय ध्वजवाहक जहाजों में से 10 होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। फंसे हुए जहाजों में एलएनजी और एलपीजी वाहक, कच्चे तेल के टैंकर, कंटेनर जहाज, एक ड्रेजर और एक रासायनिक टैंकर शामिल हैं।
बढ़े हुए तनाव के बावजूद, भारतीय नौसेना की तैनाती के तरीकों या परिचालन प्रोटोकॉल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। निगरानी और एस्कॉर्ट अभियान मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत जारी हैं और स्थिति की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से निरंतर निगरानी की जा रही है।
भारत खाड़ी और आसन्न जल क्षेत्र में व्यावसायिक शिपिंग के लिए निर्बाध निगरानी और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने हेतु 28 देशों के साथ वास्तविक समय में समुद्री खुफिया जानकारी साझा कर रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के हफ्तों में व्यापक खाड़ी क्षेत्र में लगभग 30 घटनाओं को चिह्नित किया है, जिसमें अलग-अलग प्रकरणों में 23 जहाजों पर हमले की सूचना मिली है। यह समुद्री परिवेश की अस्थिरता को रेखांकित करता है।
यह तनाव पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान की अनिर्णायक संघर्षविराम वार्ता के बाद उभरा, जिसके बाद वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों पर समुद्री दबाव बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया। अमेरिकी निर्देश में गैर-ईरानी व्यावसायिक यातायात के लिए आवाजाही की अनुमति दी गई है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश या वहां से निकलने वाले जहाजों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा चोकपॉइंट है जो विश्व के 25 प्रतिशत समुद्री तेल व्यापार को संभालता है। इस जलमार्ग में कोई भी बाधा वैश्विक ऊर्जा प्रवाह, शिपिंग बीमा और माल ढुलाई पर तत्काल असर डालती है।
इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर और सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने एक्स पर लिखा कि देश के सशस्त्र बलों के पास होर्मुज नाकेबंदी का मुकाबला करने के लिए "बड़े अप्रयुक्त संसाधन" हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "ट्वीट और काल्पनिक योजनाओं" से दबाव में नहीं आएगा।
Updated on:
13 Apr 2026 04:54 pm
Published on:
13 Apr 2026 04:54 pm
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