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मुंबई के घाटकोपर में भीषण भूस्खलन, 3 बच्चों समेत 7 की मौत; 4 घायल; CM फडणवीस ने दुख जताया

Mumbai Ghatkopar Landslide: मुंबई के घाटकोपर में भारी बारिश के बीच पहाड़ी का हिस्सा ढहने से बड़ा हादसा हो गया। भूस्खलन की चपेट में आने से तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हुई, जबकि चार लोग घायल हैं।
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Aug 12, 2026
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मुंबई के घाटकोपर में भीषण भूस्खलन। फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब x (@aridwd)

Mumbai Ghatkopar Landslide: मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बुधवार तड़के घाटकोपर इलाके में बड़ा भूस्खलन हो गया। चिराग नगर के अशोक नगर स्थित गौसिया चाल में हुए इस हादसे में 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हादसा सुबह करीब 3:48 बजे हुआ, उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे।

पहाड़ी का हिस्सा ढहने से घरों पर गिरा मलबा

बताया गया कि लगातार बारिश के कारण इलाके के पास मौजूद पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इसके साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा नीचे आ गया और गौसिया चाल में बने 2 से 3 कतारों वाले कई घर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की सूचना मिलने के बाद तत्काल राहत और बचाव दलों को मौके पर भेजा गया।

7 लोगों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया गया

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में 7 लोगों को घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मोहम्मद समीर अंसारी (14), साहिल हुसैन अब्दुल काजी (19), अबान आरिफ शेख (2), मनत आरिफ शेख (4), मर्जिना आरिफ शेख (27), विकेत रमेश यादव (27) और एक अज्ञात वयस्क के रूप में हुई है।

4 घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती

रेस्क्यू टीमों ने हादसे में घायल चार लोगों को भी मलबे से बाहर निकाला। घायलों में सोहेल अंसारी (18), मोहम्मद अंसारी (14), नईमुद्दीन इकबाल खान (28) और साजिद अंसारी (16) शामिल हैं। सभी घायलों को कुर्ला स्थित भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

फायर ब्रिगेड और NDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), मुंबई पुलिस और बीएमसी के वार्ड स्टाफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे को हटाकर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई अन्य व्यक्ति उसमें फंसा न रह गया हो।

संकरी गलियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किल

चिराग नगर की भौगोलिक बनावट ने बचाव अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। गौसिया चाल तक पहुंचने वाले रास्ते बेहद संकरे हैं और कई जगहों पर एक समय में केवल एक व्यक्ति ही गुजर सकता है। इस वजह से बड़ी और भारी मशीनरी को घटनास्थल तक ले जाना संभव नहीं हो सका। बचावकर्मियों को कंक्रीट के स्लैब और मलबे को हटाने के लिए हाथ से चलाए जाने वाले औजारों और दूसरे छोटे उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ी का हिस्सा ढहने से घर मलबे की चपेट में आए और कुछ लोग उसके नीचे दब गए। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दलों को मौके पर भेजा गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के साथ उन्हें जरूरी उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

मेयर ने घटनास्थल का किया दौरा

मुंबई की मेयर रितु तावडे ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।

मृतकों के परिवारों को 4 लाख की सहायता

मेयर की ओर से तत्काल वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा की गई है। इसके तहत हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की बात कही गई है। वहीं, हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति के चिकित्सा उपचार के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

भारी बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में हाई अलर्ट

मुंबई महानगर क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है। घाटकोपर में भूस्खलन की घटना के बाद नगर निगम ने आसपास के पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन की ओर से ऐसे क्षेत्रों पर नजर रखने और बारिश के दौरान संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए जरूरी एहतियाती कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है।

लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता

घाटकोपर में हुए इस हादसे ने मुंबई में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल राहत और बचाव एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान जारी है।

Updated on:
12 Aug 2026 08:25 pm
Published on:
12 Aug 2026 08:25 pm