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‘एक हफ्ते में छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुई तो करूंगा आमरण अनशन’, झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास का अल्टीमेटम

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर एक हफ्ते में छात्रों की तीन मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे भगवान बिरसा मुंडा स्मारक पर अनशन करेंगे।
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रांची

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Rahul Yadav

Aug 12, 2026

Raghubar Das, Jharkhand, Ranchi, Student Protest, Birsa Munda Memorial, Hunger Strike Ultimatum,

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (फोटो - आईएएनएस)

Raghubar Das on Jharkhand Student Protest: झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। रांची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रघुवर दास ने कहा कि वे खुद आंदोलन से निकले हुए नेता हैं, इसलिए वे छात्रों और युवाओं के दर्द को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर सरकार ने छात्रों की जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो वे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

बिरसा मुंडा स्मारक पर अनशन की चेतावनी

रघुवर दास ने राज्य सरकार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर इस समय सीमा के भीतर छात्रों की मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे खुद अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वे भगवान बिरसा मुंडा के स्मारक स्थल पर बैठकर छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए।

विपक्ष के नाते जागरूक करना हमारा कर्तव्य

विपक्ष की भूमिका पर बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता ने उन्हें विपक्ष में बैठकर सरकार की कमियों को उजागर करने की जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य में चाहे छात्रों का आंदोलन हो, किसानों का हो या मजदूरों का, सरकार की मनमानी, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज के खिलाफ जनता को जागरूक करना विपक्ष का नैतिक और लोकतांत्रिक कर्तव्य है।

युवाओं और अभिभावकों में भारी आक्रोश

राज्य के वर्तमान माहौल का जिक्र करते हुए रघुवर दास ने कहा कि आज सिर्फ छात्र ही परेशान नहीं हैं, बल्कि राज्य का हर अभिभावक दुखी है। पिछले 6 सालों से सरकार राज्य के भविष्य यानी युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जनता और युवाओं के भीतर सरकार के प्रति भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

छात्रों की तीन मांगों को तुरंत मानने की अपील

रघुवर दास ने 10 मार्च को हुए ऐतिहासिक विधानसभा चलो मार्च का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरा देश झारखंड के युवाओं के इस विशाल प्रदर्शन का गवाह बना है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह बिना किसी देरी के छात्रों की मुख्य तीन मांगों को स्वीकार करे, ताकि युवाओं को उनका हक मिल सके और राज्य में शांति व्यवस्था बनी रहे।