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Mumbai News: ड्यूटी पर जाते समय वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक की मौत, गाड़ी में आराम करने के लिए आंखें बंद की, फिर नहीं उठे

Mumbai Police: मुंबई के कुरार पुलिस थाने में तैनात वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड की ड्यूटी पर जाते समय मौत हो गई। तबीयत खराब होने पर वे गाड़ी में आराम करने लगे, लेकिन थाने पहुंचने पर चालक ने उन्हें उठाया तो वे नहीं उठे।
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Updated: 27 Oct 2026, 5:19 PM IST
Mumbai Police News
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड। फाइल फोटो- पत्रिका

Mumbai Police News: मुंबई के कुरार पुलिस थाने में तैनात वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड की ड्यूटी पर जाते समय अचानक मौत हो गई। नवी मुंबई के उलवे स्थित घर से थाने के लिए निकले गायकवाड ने रास्ते में तबीयत खराब होने की बात कही और गाड़ी में आराम करने लगे। थाने पहुंचने पर चालक ने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार, गायकवाड ने सोमवार शाम को पुलिस उपायुक्त गजानन राजमाने का जन्मदिन मनाया था। इसके बाद वे नवी मुंबई के उलवे स्थित अपने घर चले गए।

आराम करने के लिए तकिया मांगा

मंगलवार को वे ड्यूटी के लिए निकले थे। रास्ते में उन्होंने अपने साथ मौजूद चालक और ऑपरेटर को बताया कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है। उन्होंने आराम करने के लिए तकिया मांगा और गाड़ी में ही लेट गए। कुरार पुलिस थाने पहुंचने पर चालक ने उन्हें आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद चालक ने उन्हें हाथ से हिलाकर उठाने की कोशिश की। उनका शरीर ठंडा पड़ चुका था और मुंह से झाग निकल रहा था। चालक और ऑपरेटर उन्हें तुरंत पठाणवाड़ी स्थित डीएनए अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार मौत की वजह हार्ट अटैक माना जा रहा है।

एक महीने में दो वरिष्ठ निरीक्षकों की मौत

पुलिस विभाग में एक महीने के भीतर दो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों की मौत से चिंता बढ़ गई है। इसी महीने की शुरुआत में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शिवाजी जाधव का भी निधन हुआ था। गायकवाड और जाधव दोनों को करीब सात महीने पहले पुलिस निरीक्षक से वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली थी।

काम के दबाव को लेकर चर्चा

पुलिस विभाग में इन मौतों के बाद काम के दबाव और वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार दिए जाने वाले निर्देशों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पुलिसकर्मियों के बीच यह भी कहा जा रहा है कि कानून-व्यवस्था संभालने के साथ ही क्षेत्र में फेरीवालों, वाघरी बस्तियों, झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और वन विभाग से जुड़े कामों की जिम्मेदारी भी अधिकारियों पर रहती है। इससे काम का दबाव बढ़ता है।

Updated on:
27 Oct 2026, 5:19 PM IST
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