मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शनिवार को उद्घाटित होने वाला भारत का सबसे बड़ा क्रूज टर्मिनल, क्रूज पर्यटन को नई ऊंचाइयां देगा। लगभग 556 करोड़ रुपये की लागत से बना यह भव्य टर्मिनल, आधुनिक सुविधाओं और समुद्री थीम वाले डिजाइन से सजा है, जिसमें एक साथ 5 क्रूज़ जहाज डॉक कर सकते हैं। दस लाख से ज़्यादा यात्रियों की सालाना क्षमता वाला यह पर्यावरण-अनुकूल टर्मिनल, मुंबई की शान बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मुंबई बैलार्ड पियर पर भारत के सबसे विशाल क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। मुंबई में इंदिरा डॉक पर स्थित नया मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल (MICT) भारत के क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ दुनिया भर के बड़े बड़े क्रूज टर्मिनल को टक्कर देगा।
यह टर्मिनल घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्रूज यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा, इसे बेहद खास तरह से डिजाइन किया गया है। इस टर्मिनल का क्षेत्रफल लगभग 4,15,000 वर्ग फुट (करीब 38,560 वर्ग मीटर) है। इसमें कुल चार फ्लोर हैं।
इसे बनाने में लगभग 556 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, 2018 में इसको बनाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी, फंडिंग और अन्य चुनौतियों के कारण निर्माण में देरी हुई। पहले जुलाई 2022 में उद्घाटन की योजना थी, लेकिन यह अप्रैल 2025 में चालू हुआ।
हर साल यह टर्मिनल लगभग दस लाख यात्रियों को संभाल सकता है। वहीं, हर दिन इसमें 10 हजार लोग आ सकते हैं। खास बात यह है कि इस टर्मिनल पर एक साथ 5 क्रूज जहाज डॉक कर सकते हैं।
इसके आलावा, टर्मिनल पर इमिग्रेशन और चेक-इन के लिए 72 काउंटर बनाए हैं। इसका परिचालन क्षेत्र लगभग 1,70,000 वर्ग फुट है। जो ग्लोबल क्रूज शेड्यूल की जरूरतों को पूरा करने के लिए साल भर काम करता है। टर्मिनल पर मल्टीलेवल पार्किंग की भी व्यवस्था है। जिसमें 300 से ज्यादा वाहन खड़े हो सकते हैं।
मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का डिजाइन पूरी तरह से समुद्री थीम पर पर आधारित है, जो मुंबई की समुद्री विरासत और समुद्र के सौंदर्य को दिखाता है। यह न केवल यात्रियों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी एक आकर्षक का केंद्र है। टर्मिनल की छत को समुद्र की लहरों की आकृति में डिजाइन किया गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनल पर एयर-कंडीशंड वेटिंग एरिया, रिटेल शॉप्स, रेस्तरां, ड्यूटी-फ्री स्टोर, वीआईपी लाउंज, बच्चों के खेल क्षेत्र, मेडिकल सेंटर और वाई-फाई की व्यवस्था है।
यह टर्मिनल पर्यावरण अनुकूल भी है। इसमें एसएसईपीपी सिस्टम जहाजों को डीजल के बजाय शोर पावर से चलाने की अनुमति देता है, जिससे CO2 उत्सर्जन 20-30% कम होता है।