Mumbai में पानी का संकट बढ़ रहा है क्योंकि सात झीलों में सिर्फ 28.35% पानी बचा है। इसी कारण BMC ने 15 मई से 10% पानी कटौती का फैसला लिया है ताकि जल भंडार को बचाया जा सके और शहर को राहत मिल सके।
Mumbai Water Crisis: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) अब पानी के संकट की ओर बढ़ रही है। गर्मी और घटते जलस्तर के बीच शहर में 15 मई से 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू करने का फैसला लिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने इस साल मानसून को लेकर चिंता जताई है। विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश सामान्य से कम हो सकती है, जिसका मुख्य कारण एल-नीनो मौसम पैटर्न है। एल-नीनो के कारण समुद्र का तापमान बढ़ जाता है, जिससे बारिश पर सीधा असर पड़ता है। इसी वजह से शहरों और राज्यों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुंबई शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में इस समय सिर्फ 28.35 प्रतिशत पानी बचा है। यह स्टॉक अगर सामान्य खपत के हिसाब से देखा जाए तो केवल 6 जुलाई तक ही चल सकता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अनुसार अगर बारिश देर से आई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
शहर की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 15 मई से 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू करने का फैसला लिया है। BMC का कहना है कि यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि मौजूदा जल भंडार को ज्यादा दिनों तक बचाया जा सके। BMC ने स्थिति को संभालने के लिए दो बड़े जल स्रोतों से रिजर्व पानी इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। भातसा डैम से 123 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी और अपर वैतरणा से 90 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी लेकिन इसके लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होगी।
मुंबई जैसे बड़े शहर में पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। जनसंख्या और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल प्रबंधन पहले से ही एक बड़ी चुनौती है। BMC कमिश्नर के मुताबिक अगर रिजर्व पानी इस्तेमाल की अनुमति मिल जाती है और 10 प्रतिशत कटौती लागू रहती है, तो शहर में पानी का स्टॉक 17 अगस्त तक चल सकता है। लेकिन अगर बारिश कमजोर रही तो स्थिति फिर से चुनौतीपूर्ण हो सकती है।