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विशाखापट्टनम में बन रहा भारत का सबसे बड़ा AI हब, रिलायंस-गूगल-अडानी का अरबों डॉलर का बड़ा निवेश

विशाखापट्टनम तेजी से देश का बड़ा डेटा सेंटर हब बन रहा है, जहां कई दिग्गज कंपनियां भारी निवेश के साथ AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में जुटी हैं।

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विशाखापट्टनम में बन रहा भारत का सबसे बड़ा AI हब

विशाखापट्टनम में बन रहा भारत का सबसे बड़ा AI हब

Visakhapatnam AI Hub: देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ अब सिर्फ सॉफ्टवेयर (Software) तक सीमित नहीं रही। बड़े कॉर्पोरेट घराने अब डेटा सेंटर की लड़ाई में उतर चुके हैं। आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम इस रेस का नया केंद्र बनकर उभरा है। यहां अरबों डॉलर के निवेश के साथ देश का सबसे बड़ा AI डेटा हब तैयार हो रहा है।

भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) विजाग में करीब 17 अरब डॉलर (1.6 लाख करोड़) का निवेश करने जा रही है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बनेगा। कंपनी यहां 1.5 गीगावॉट क्षमता का डेटा सेंटर क्लस्टर बनाएगी। इस प्रोजेक्ट पहले चरण में 500 मेगावॉट का डेटा सेंटर बनाया जाएगा, जिसे 2028 तक चालू करने का लक्ष्य है। इसके लिए कंपनी ने करीब 935 एकड़ जमीन की मांग की है।

समुद्र के पास होगा सेटअप

यह प्रोजेक्ट नए भोगापुरम एयरपोर्ट के पास बनाया जाएगा। यहां पर केबल लैंडिंग स्टेशन और डीसैलिनेशन प्लांट भी बनाए जाएंगे, जिससे समुद्री पानी को इस्तेमाल योग्य बनाया जा सके। खास बात यह है कि इसमें सोलर पावर और बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी होगा, जिससे बिजली की जरूरत खुद पूरी की जा सकेगी।

गूगल और अडानी की एंट्री ने बढ़ाया गेम

गूगल पहले ही विजाग में 15 अरब डॉलर के निवेश से 1 गीगावॉट डेटा सेंटर बना रहा है। इसके साथ ही अडानी एंटरप्राइजेस और एजकनेक्‍स की जॉइंट वेंचर अडानी कनेक्‍स ने भी गूगल के साथ मिलकर AI हब बनाने का बड़ा ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट में हाई-स्पीड सबसी केबल नेटवर्क और क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल होगा, ताकि भारी AI वर्कलोड को आसानी से संभाला जा सके। सिफी टेक्नोलॉजीज (Sify Technologies) 500 मेगावॉट, डिजिटल कनेक्शन (Digital Connexion) 1 गीगावॉट, अनंत राज क्लाउड (Anant Raj Cloud) 300 मेगावॉट के डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी में हैं। RMZ और टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स (Tillman Global Holdings) जैसी कंपनियों के साथ भी बड़े समझौते हुए हैं।

आखिर क्यों विजाग ही बना पसंदीदा ठिकाना?

विशाखापट्टनम कई वजहों से कंपनियों की पहली पसंद बन रहा है। यहां समुद्र के पास होने से इंटरनेशनल केबल कनेक्टिविटी आसान है, जमीन उपलब्ध है और सरकार की तरफ से भारी छूट भी मिल रही है। सरकार का लक्ष्य 6 गीगावॉट डेटा होस्टिंग क्षमता हासिल करना है, और मौजूदा निवेश इसे तेजी से उस लक्ष्य के करीब ले जा रहे हैं। रिलायंस, गूगल और अडानी जैसे दिग्गजों की मौजूदगी इस शहर को आने वाले समय में भारत का डिजिटल पावरहाउस बना सकती है।