
Mumbai Water Crisis: मुंबई में पानी को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर को पानी सप्लाई करने वाले सातों जलाशयों में पानी का स्तर 10% से भी नीचे पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मानसून की बारिश नहीं बढ़ी, तो जुलाई की शुरुआत में पानी की सप्लाई में और कटौती करनी पड़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को पानी देने वाले सात जलाशयों में फिलहाल सिर्फ 9.7% पानी बचा है। अधिकारियों के अनुसार, इन जलाशयों में करीब 1.4 लाख मिलियन लीटर पानी का भंडार मौजूद है।
मुंबई में पहले ही पानी की सप्लाई 10% कम कर दी गई है। लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बीएमसी राज्य सरकार के अतिरिक्त पानी के भंडार का भी इस्तेमाल कर रही है। बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि फिलहाल जितना पानी उपलब्ध है, उससे शहर की जरूरतें लगभग 20 अगस्त तक पूरी की जा सकती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अगर जून के आखिर तक अच्छी बारिश नहीं हुई और जलाशयों में पानी का स्तर नहीं बढ़ा, तो जुलाई के पहले हफ्ते में पानी की सप्लाई में 10% और कटौती की जा सकती है। इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नगरसेवकों ने भी बीएमसी से जल संकट से निपटने की तैयारियों और आपातकालीन योजनाओं की जानकारी मांगी है।
बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि एल नीनो के प्रभाव की वजह से अक्टूबर और नवंबर में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। इससे जलाशयों का पानी तेजी से भाप बनकर उड़ सकता है, जिससे जल संकट और गहरा सकता है। उन्होंने 2009 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस साल भी लंबे समय तक पानी की कमी बनी रही थी और कई महीनों तक सप्लाई में कटौती करनी पड़ी थी।
हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि जुलाई में अच्छी बारिश होगी, लेकिन फिलहाल हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। इसलिए प्रशासन लगातार जलाशयों के जल स्तर और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटते जल स्तर और बारिश को लेकर बनी अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने बीएमसी को एक विस्तृत जल प्रबंधन रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है। इस योजना में पानी की उपलब्धता, सप्लाई व्यवस्था, जल संरक्षण और आपात स्थिति से निपटने के उपाय शामिल होंगे। इसका उद्देश्य अगस्त 2027 तक मुंबई की जल सुरक्षा को मजबूत करना है।