
Nandigram Assembly By-Election 2026: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। इससे पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। ममता बनर्जी गुट के प्रत्याशी प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने से पहले उनकी शुभेन्दु अधिकारी से मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं हुईं, लेकिन इसके कारण के बारे में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की बात कही।
नंदीग्राम को कभी टीएमसी का गढ़ माना जाता था। लेकिन अब यह बीजेपी का बन गया है। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ममता बनर्जी के सामने शुभेन्दु अधिकारी को टिकट दिया था। इस चुनाव में शुभेन्दु अधिकारी ने 1,956 वोटों से जीत दर्ज की।
इसके बाद 2026 में नंदीग्राम से एक बार फिर शुभेन्दु अधिकारी चुनाव लड़े। लेकिन इस बार टीएमसी ने पबित्रा कर को प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव में भी शुभेन्दु अधिकारी ने जीत दर्ज की।
इसके अलावा भवानीपुर से भी शुभेन्दु अधिकारी ने चुनाव लड़ा था। इस सीट पर उनका मुकाबला ममता बनर्जी से था। यहां से भी शुभेन्दु अधिकारी को जीत मिली। इसके बाद भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम सीट छोड़ने के कारण यहां पर उपचुनाव हो रहे है।
नंदीग्राम उपचुनाव शुभेन्दु अधिकारी और ममता बनर्जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश में सरकार बनाने के बाद यह पहला उपचुनाव होगा। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार मुकाबले में ममता बनर्जी और शुभेन्दु अधिकारी खुद मैदान में नहीं हैं। फिर भी 6 अक्टूबर का उपचुनाव दोनों नेताओं के लिए कई राजनीतिक संदेश लेकर आएगा।
बता दें कि नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। 2021 में ममता बनर्जी को हराने के बाद यह सीट उनकी राजनीतिक कहानी का प्रतीक बनी।
अब भाजपा के लिए चुनौती यह है कि अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद भी नंदीग्राम में पार्टी अपना चुनावी आधार कायम रख पाती है या नहीं। वहीं ममता ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देकर समीकरण बदल दिए है। यदि बीजेपी को हार मिलती है तो एक संदेश यह जाएगा कि नंदीग्राम में बीजेपी का वर्चस्व नहीं है। महज कद्दावर नाम होने के कारण उन्हें जीत मिली थी।