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नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक जेल, पुराने केस में हुई थी गिरफ्तारी

Nandigram Bypoll Congress Candidate Milan Pradhan: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले गिरफ्तार किए गए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अदालत ने 3 अक्टूबर तक जेल भेज दिया है। प्रधान की गिरफ्तारी 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में लंबित वारंट के आधार पर की गई थी।
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Updated: 19 Sep 2026, 7:26 PM IST
Nandigram Bypoll Congress Candidate Milan Pradhan
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान (Photo ANI)

Nandigram Bypoll: पश्चिम बंगाल की हाई प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट के लिए 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। 2007 के ऐतिहासिक भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक पुराने मामले में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शुक्रवार को पूर्वी मेदिनीपुर के चंडीपुर में एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। उन्हें आज अदालत में पेश किया गया और 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

2007 के पुराने मामलों में कार्रवाई

2007 में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान मिलन प्रधान के खिलाफ नंदीग्राम और खेजुरी पुलिस स्टेशनों में हत्या, हत्या की कोशिश, हथियारों के साथ दंगा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में उनके खिलाफ वारंट लंबे समय से लंबित थे। यह कार्रवाई लंबित वारंटों के निष्पादन के संबंध में चुनाव आयोग के स्थायी निर्देशों के अनुसार की गई।

ममता बनर्जी के समर्थन के कुछ ही घंटे बाद हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी शुक्रवार को उस समय हुई थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुट ने अपनी प्रत्याशी संचिता प्रधान डे के नाम वापसी के बाद नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। ममता बनर्जी ने भी गिरफ्तारी के समय पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा था कि जैसे ही उनके गुट ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया, वैसे ही सालों पुराने केस को अचानक जिंदा कर दिया गया।

कांग्रेस प्रभारी ने शुभेंदु अधिकारी पर लगाए आरोप

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रभारी प्रकाश जोशी ने कहा कि मिलन प्रधान 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में एक अहम चेहरा थे और उस आंदोलन में साथ रहे शुभेंदु अधिकारी उनकी राजनीतिक ताकत से पूरी तरह वाकिफ हैं। इसीलिए जब से कांग्रेस पार्टी ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया तभी से विपक्षी खेमे में काफी बेचैनी थी।

प्रकाश जोशी ने बताया कि जहां शुभेंदु अधिकारी तृणमूल सरकार में रहते हुए उस आंदोलन के दौरान अपने खिलाफ दर्ज केस हटवाने में कामयाब रहे, वहीं मिलन प्रधान ने सरकार के इस भरोसे पर यकीन किया था कि उनके केस भी बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, जैसे ही वे चुनावी मैदान में उतरे, अचानक पुरानी फाइलें फिर से खोल दी गईं और उन्हें जेल भेज दिया गया।

Updated on:
19 Sep 2026, 7:26 PM IST
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