
Milan Pradhan Arrest Saugata Roy Statement: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की 2007 के एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि करीब 19 साल पुराने मामले को अब क्यों खोला गया?
बता दें मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव में अपना उम्मीदवार हटाकर कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके कुछ घंटे बाद ही उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- ‘मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। भाजपा की अलोकतांत्रिक और तानाशाही सोच एक बार फिर सामने आई है।’
उन्होंने सवाल उठाया कि 19 साल पुराने मामले को अचानक क्यों खोला गया। सौगत रॉय के मुताबिक, इतने लंबे समय तक इस मामले को नहीं उठाया गया, लेकिन व्यक्ति के उम्मीदवार बनने के बाद यह मामला सामने आया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के अलावा दूसरे विपक्षी दलों ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है।
सौगत रॉय ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा का लक्ष्य विपक्षी दलों को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी भी उसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने पहले नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार उतारा था। बाद में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया गया। इसके बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई। हालांकि, भाजपा ने इस तरह के राजनीतिक आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा की ओर से कहा गया है कि पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई की है।
बता दें मिलन प्रधान के खिलाफ कार्रवाई 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या मामले में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। बताया गया है कि वह 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े कई मामलों में नामजद रहे हैं।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। भाजपा ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया है।
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होना है। तृणमूल कांग्रेस ने पहले सामंता प्रधान डे को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने बाद में अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। मिलन प्रधान की गिरफ्तारी और उम्मीदवारों के बदलते समीकरणों के बीच नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।