नासा ने एक रिपोर्ट में कहा है कि पंजाब और हरियाणा के किसानों को पराली जलाना एक बेहद सस्ता और जल्दी पूरा होने वाला काम लगता है, जिससे वो अपने खेतों को अगली फसल के लिए जल्दी तैयार कर सकें। इसकी वजह से इंडो-गैंगेटिक प्लेन्स में नवंबर और दिसंबर के महीनों भयानक प्रदूषण होता है।
नई दिल्ली। वायु प्रदूषण दुनियाभर के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है। वहीं सर्दियों के मौसम में भारत में यह समस्या लोगों की मौत का कारण बन जाती है। बता दें कि सर्दियों की शुरूआत होते ही राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है। इसके चलते लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है, जबकि कुछ लोगों को एलर्जी, आंखों में जलन जैसी शिकायतें होने लगती हैं।
नासा ने जारी की रिपोर्ट
एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि दिल्ली दुनियाभर में सबसे अधिक जहरीली हवा वाला शहर है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि हर साल दिल्ली पूरी दुनिया की सबसे जहरीली हवा फेंकने वाला शहर क्यों बन जाता है। आखिर क्यों इस जगह पर इतना स्मॉग पैदा होता है। इस संबंध में नासा ने एक रिपोर्ट जारी की है।
पराली से बढ़ता है प्रदूषण
नासा का कहना है कि पंजाब और हरियाणा के किसानों को पराली जलाना एक बेहद सस्ता और जल्दी पूरा होने वाला काम लगता है, जिससे वो अपने खेतों को अगली फसल के लिए जल्दी तैयार कर सकें। इसकी वजह से इंडो-गैंगेटिक प्लेन्स में नवंबर और दिसंबर के महीनों भयानक प्रदूषण होता है।
नासा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में पराली जलाने से दिल्ली-NCR का आसमान धुंधला और जानलेवा हो जाता है। हालांकि सरकारों ने पराली जलाने पर रोक भी लगाई है। इसके बावजूद किसान पराली जलाते हैं। नासा ने बताया कि इस साल बारिश की वजह से भारत में पराली जलाने की शुरूआत काफी देर से हुई। इसके चलते दिल्ली की हवा एकदम से जहरीली हो गई।
जानकारी के मुताबिक नासा के सुओमी एनपीपी सैटेलाइट ने उत्तर भारत की 11 नवंबर की तस्वीर ली, इसमें पंजाब-हरियाणा का आसमान धुंधला दिख रहा है, जो दिल्ली को ओर बढ़ रहा है। वहीं तस्वीर में किसानों को पराली जलाते हुए भी देखा जा सकता है।