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‘भीख में मिली आजादी’ वाले बयान पर कंगना को शशि थरूर की सलाह, इतिहास फिर से पढ़ना चाहिए

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के एक बयान पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने उन्हें इतिहास दोबारा पढ़ने की सलाह दी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं है कि वो क्या कह रही हैं।
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Nitin Singh

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Updated: 18 Nov 2021, 10:37 PM IST

shashi tharoor target on kangana over her statement on independence

shashi tharoor target on kangana over her statement on independence

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के एक बयान पर कांग्रेस समेत विपक्ष उनपर हमलावर है। अब कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कंगना को भारत का इतिहास फिर से पढ़ने की सलाह दी है। शशि थरूर ने कहा कि कंगना रनौत को इतिहास की जानकारी नहीं। मुझे लगता है कि कंगना रनौत को अपने इतिहास को फिर से पढ़ना चाहिए, उन्हें इसकी जरूरत है।

2014 में मिली है देश को आजादी
बता दें कि हाल ही में अभिनेत्री कंगना रनौत को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके बाद एक कार्यक्रम में उन्होंने भारत की आजादी पर बोलते हुए कहा कि देश को असल आजादी को साल 2014 में मिली है, 1947 में तो भीख मिली थी। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। बाद में कंगना ने यह तक कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है तो वह अपना पद्मश्री पुरस्कार वापस लौटा देंगी।

शशि थरूर ने दी ये सलाह
कंगना के इस बयान पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुझे लगता है कंगना को अपने इतिहास को फिर से पढ़ना चाहिए, उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं है कि वो क्या कह रही हैं। कंगना को महात्मा गांधी के बारे में पढ़ना चाहिए। एक ऐसा शख्स, जिन्होंने अंग्रेजों से कहा था कि आपका कानून अन्याय करता है और मैं उसको तोड़ता हूं, आप मुझे सजा दीजिए। मैं आपकी दी हुई सजा को स्वीकार करूंगा। ऐसी विचारधारा रखने वाला शख्स किसी के सामने भीख मांग सकता है क्या।

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कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के बारे में इस तरह की बात करना भी हास्यास्पद है। गांधी ने कभी हथियार नहीं उठाए, कल्पना कीजिए जहां लाठियां चल रही हों वहां बिना हथियार के जाना कितना खतरनाक होगा। लाला लाजपत राय की हत्या ही अहिंसक प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में सिर पर लाठी लगने से हुई थी। इसमें बंदूक लेकर किसी को मारने जाना और सामने से गोली खाने से अधिक साहस की जरूरत होती है।