
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज अजय गुप्ता ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आज यानी 7 अगस्त को इस पर फैसला सुनाया जा सकता है। इस केस में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है और सभी जेल में हैं। छात्रों के भविष्य से जुड़े इस बड़े घोटाले में अब अदालत का रुख क्या होगा, ये देखने वाली बात होगी।
सीबीआई ने जो चार्जशीट दाखिल की है वो करीब दो हजार पन्नों की है। आरोपियों के वकील एपी सिंह ने कोर्ट में साफ कहा कि इतनी बड़ी फाइल को पढ़ने और समझने में वक्त लगेगा। कोर्ट ने इस बात को ध्यान में रखते हुए फैसला सुरक्षित रखा।
साथ ही मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की पॉलीग्राफ और लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने वाली अर्जियों पर भी फैसला अभी नहीं दिया गया है।
दिनेश और विकास की जमानत याचिकाओं की सुनवाई 18 अगस्त को होगी। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 24 जुलाई को इस मामले की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का आदेश दिया था। उसी के बाद यह अदालत सक्रिय हुई।
नीट जैसी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सीबीआई की जांच में जिन 13 लोगों के नाम आए हैं, वे सब न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
कोर्ट में पॉलीग्राफ और लाइ डिटेक्टर टेस्ट की अर्जियां भी लंबित हैं। ये टेस्ट आरोपियों की बातों की जांच के लिए मांगे गए हैं। जज अजय गुप्ता इन पर भी जल्द फैसला देंगे। जमानत की सुनवाई अलग तारीख पर रखी गई है।
यह मामला सिर्फ कुछ आरोपियों तक सीमित नहीं है। इससे पूरे परीक्षा सिस्टम पर सवाल उठे हैं। छात्र और अभिभावक दोनों इंतजार कर रहे हैं कि कोर्ट किस तरफ फैसला लेती है। सीबीआई की चार्जशीट में क्या-क्या सबूत हैं, वो भी अब खुलकर सामने आएंगे।
आज का दिन इस पूरे प्रकरण के लिए अहम साबित हो सकता है। अगर कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान ले लेती है तो सुनवाई और तेज हो जाएगी। आरोपियों को अपना बचाव तैयार करना होगा। दूसरी तरफ जमानत याचिकाओं का नतीजा भी आने वाले दिनों में तय होगा।