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CJP Protest: छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला, सुप्रीम कोर्ट में 27 जुलाई को होगी सुनवाई

नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बड़ी खबर है। पुलिस अत्याचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 27 जुलाई को सुनवाई होगी।
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Jul 24, 2026
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जंतर-मंतर पर 'चलो संसद' मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज करती दिल्ली पुलिस। (फाइल फोटो - आईएएनएस)

नीट पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों पर पुलिस की लाठीचार्ज और अत्याचार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। देशभर में युवाओं के गुस्से को देखते हुए सर्वोच्च अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

इस मामले में शीर्ष अदालत 27 जुलाई को दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। बता दें कि नीट परीक्षा में पेपर लीक होने के बाद पूरे देश में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। दिल्ली में 20 जुलाई को छात्रों ने सड़कों पर कड़ा विरोध जताया था, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उनके साथ सख्ती बरती।

लाठीचार्ज के बाद पूरे देश में बढ़ा आक्रोश

20 जुलाई को पुलिस ने छात्रों को नियंत्रित करने के लिए उन पर लाठीचार्ज की और आंसू गैस छोड़े। लड़कियों और युवा छात्रों के साथ कथित तौर पर बर्बरता हुई। जिसको लेकर देश भर में आक्रोश बढ़ गया.

सीनियर वकील श्याम दिवान और गोपाल शंकरनारायणन ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जोयमलया बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने इस मामले का जिक्र किया।

दोनों याचिकाएं कोर्ट में दाखिल

सीनियर वकील ने कहा कि दोनों याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं और रजिस्ट्री ने उन्हें नंबर भी दे दिया है। वकीलों ने बेंच से तुरंत सुनवाई की मांग की ताकि छात्रों पर हुए अत्याचार की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को ध्यान से सुना और 27 जुलाई को मामले की सुनवाई तय कर दी।

बढ़ता जा रहा छात्रों का आंदोलन

बता दें कि छात्रों का आंदोलन बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ बैठक हुई।

बैठक के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं। पीड़ितों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों पर दर्ज किए गए केस को वापस लिया जाए।

सरकार ने शनिवार तक मांगा समय

आशुतोष रांका ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से बर्खास्तगी के बिना कुछ भी हमें मंजूर नहीं होगा। सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।

उन्होंने आगे कहा- हमने सरकार को बता दिया है कि पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। अगर जल्द ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।

इसके साथ ही काकरोच जनता पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का आह्वान करेगी। हमें उम्मीद है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान को जल्द से जल्द हटाएगी।

Updated on:
24 Jul 2026 04:40 pm
Published on:
24 Jul 2026 04:19 pm