
नीट पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों पर पुलिस की लाठीचार्ज और अत्याचार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। देशभर में युवाओं के गुस्से को देखते हुए सर्वोच्च अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
इस मामले में शीर्ष अदालत 27 जुलाई को दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। बता दें कि नीट परीक्षा में पेपर लीक होने के बाद पूरे देश में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। दिल्ली में 20 जुलाई को छात्रों ने सड़कों पर कड़ा विरोध जताया था, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उनके साथ सख्ती बरती।
20 जुलाई को पुलिस ने छात्रों को नियंत्रित करने के लिए उन पर लाठीचार्ज की और आंसू गैस छोड़े। लड़कियों और युवा छात्रों के साथ कथित तौर पर बर्बरता हुई। जिसको लेकर देश भर में आक्रोश बढ़ गया.
सीनियर वकील श्याम दिवान और गोपाल शंकरनारायणन ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जोयमलया बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने इस मामले का जिक्र किया।
सीनियर वकील ने कहा कि दोनों याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं और रजिस्ट्री ने उन्हें नंबर भी दे दिया है। वकीलों ने बेंच से तुरंत सुनवाई की मांग की ताकि छात्रों पर हुए अत्याचार की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को ध्यान से सुना और 27 जुलाई को मामले की सुनवाई तय कर दी।