नीट यूजी 2026 पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार पुनर्परीक्षा को लेकर सख्त तैयारी में जुट गई है। 21 जून को होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्र सेना की निगरानी में पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। वायु सेना के विमान और डाक विभाग की मदद से प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिलीवरी पर विचार हो रहा है। पेपर लीक मामले में अब तक 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि CBI 43 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी कर चुकी है।
NEET Re-Exam 2026: नीट परीक्षा में पेपर लीक होने के बाद अब 21 जून को होने वाली नीट की पुर्नपरीक्षा के लिए सरकार पुख्ता इंतजाम में जुट गई है। इसके तहत देश के इतिहास में पहली बार भारतीय सेना की मदद ली जाएगी। प्रश्न पत्रों के पैकेट वायु सेना के विमान के जरिए पहुंचाए जाने की योजना है। इसके साथ ही केंद्रीय पोस्ट ऑफिस विभाग की इसमें अहम भूमिका निभाएगा।
दिल्ली में गुरुवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर नीट की परीक्षा की तैयारी को लेकर अहम बैठक हुई। इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। बैठक में नीट की परीक्षा में पेपर लीक को रोकने के लिए प्रश्न-पत्र को सेना की सुरक्षा में सेना के जरिए उपलब्ध कराने पर विचार किया गया। इसके तहत सुरक्षा बलों के जरिए पेपरों को पहुंचाना तय किया है।
इसके लिए भारतीय वायु सेना के विमान की मदद भी ली जा सकती है। डाक विभाग के जरिए भी प्रश्न पत्र के पैकेटों को पहुंचाने का रास्ता अपनाया जा सकता है। इसके पीछे नीट के कर्मचारियों की मिलीभगत रोकना और परीक्षा कार्य में लगे कर्मचारी के द्वारा पेपर लीक की संभावनाओं में कमी लाने का मकसद है।
पेपर लीक की जांच में पहले यह पाया गया था कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जुड़े अफसर व कर्मचारियों ने ही पेपर लीक करने में मदद की। इसलिए इस बार ऐसी कमजोरियों को चिन्हित कर दूर किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रश्न पत्र को पहुंचने में भारतीय सेना की मदद पर विचार हुआ है। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला लेना बाकी है।
इधर संसदीय समिति ने मांगा स्पष्टीकरण- दूसरी ओर शिक्षा से जुड़ी संसदीय समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से नीट पेपर लीक को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
समिति ने 20 सवालों का एक प्रपत्र देकर उन पर जवाब चाहे हैं। इसमें यह भी शामिल है कि क्या परीक्षा कार्य से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी या व्यक्ति किसी निजी संस्था में भी जुड़े हो सकते हैं या काम कर सकते हैं। पूर्व में भी समिति एजेंसी के अफसरों से चर्चा कर चुकी है।
नीट की परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसके पेपर के कई प्रश्न पहले ही लीक होना पाया गया और परीक्षा को रद्द कर दिया गया। हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पेपर लीक होना नहीं माना है। अब 21 जून को इस परीक्षा को फिर से आयोजित किया जाएगा।
नीट पेपर लीक की जांच 12 मई को सीबीआई को दे दी गई थी। इसके बाद सीबीआइ ने काम शुरू किया और अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। वही 43 से ज्यादा जगह पर छापे मारे गए हैं। सीबीआइ इसके हर पहलू की जांच कर रही है। इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के ही अफसर व कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ चुकी है।