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Parliament Monsoon Session: कांग्रेस की मांग-युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर संसद में अमित शाह बयान दें, राज्यसभा अगले दिन के लिए स्थगित

Parliament News: संसद के मॉनसून सत्र में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग की। विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।
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भारत

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Anurag Animesh

Jul 27, 2026

monsoon session

राज्यसभा कार्यवाही(फोटो-ANI)

Monsoon Session 2026: संसद के मॉनसून सत्र में मंगलवार को राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की। खड़गे ने कहा कि विपक्ष एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा से पीछे नहीं हट रहा है, लेकिन पहले सरकार को युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए। विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाये सवाल


कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सोशल मीडिया साइट 'X' पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की धमकियों से आज के युवा डरने वाले नहीं हैं और प्रदर्शन में शामिल कई युवाओं को धमकियां दी जा रही हैं।

खड़गे ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में बड़ी संख्या में युवाओं को जबरन हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदर्शनकारियों पर लाठी-डंडों और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और अब प्रदर्शन समाप्त होने के बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच-पड़ताल की जा रही है। उनके मुताबिक, यह एक डरी हुई और तानाशाही मानसिकता की निशानी है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे क्या कहा?


उन्होंने सरकार से शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल भी पूछे। खड़गे ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र और पेपर लीक रोकने के लिए गठित डॉ. राधाकृष्णन समिति की 766 दिन पहले दी गई सिफारिशों का क्या हुआ। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पेपर लीक रोकने के लिए 895 दिन पहले कानून बनने के बावजूद इतने पेपर लीक कैसे हुए। इसके अलावा, उन्होंने पूछा कि 647 दिनों तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को पूर्णकालिक निदेशक क्यों नहीं दिया गया। खड़गे ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर संसद में बयान दें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं से माफी मांगें।