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NEET-UG पेपर लीक मामला: CBI ने लातूर कोचिंग मालिक पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- साजिश में शामिल

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने लातूर के एक कोचिंग संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही गिरफ्तार 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। चलिए जानते हैं…क्या है ताजा अपडेट?
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Jul 16, 2026
neet ug paper leak
NEET-UG पेपर लीक मामला। फोटो में RCC क्लासेस के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर। (सोर्स: ANI)

NEET UG Paper Leak Case: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, CBI ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित ‘RCC’ कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीबीआई का दावा है कि कोचिंग सेंटर के मालिक ने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री का क्वेश्चन पेपर हासिल करने के लिए पेपर सेटर को 5 लाख रुपये दिए थे। वहीं, इस मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 24 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। आइए जानते हैं कि जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया है?

5 लाख रुपये देकर खरीदा गया था केमिस्ट्री का पेपर

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने राउज एवेन्यू कोर्ट में लातूर के RCC क्लासेस के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की जमानत याचिका का विरोध किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मोटेगांवकर ने नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के केमिस्ट्री पेपर लीक की साजिश में पूर्ण रूप से शामिल थे।

CBI के मुताबिक, उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी कि NTA के केमिस्ट्री पेपर सेटर प्रहलाद कुलकर्णी को 5 लाख रुपये दिए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि यह रकम लीक हुए प्रश्नपत्र को हासिल करने के लिए दी गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को 23 अप्रैल 2026 को ही केमिस्ट्री के प्रश्न और उनके उत्तर मिल गए थे। यानी परीक्षा की तय तारीख से काफी पहले ही पेपर उसके पास पहुंच चुका था। CBI ने इसे साजिश… प्रहलाद कुलकर्णी और डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की मिलीभगत का हिस्सा बताया है। दावा ये भी है कि लीक पेपर के 132 में से 111 सवाल असली मास्टर सेट से मेल खाए थे।

मोबाइल फोन से लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद

सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान एक छात्र के मोबाइल फोन से लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद हुआ है। एजेंसी के अनुसार, यह डिजिटल सबूत मामले को मजबूत बनाता है।

इसके अलावा कोर्ट में जांच अधिकारियों ने एक वीडियो रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया। आरोप है कि इस वीडियो में मोटेगांवकर छात्रों से कह रहे हैं कि उनके द्वारा बताए गए सवाल ही वास्तविक परीक्षा में पूछे जाएंगे। CBI का मानना है कि यह रिकॉर्डिंग आरोपी की भूमिका को साबित करने में अहम साबित हो सकती है।

कोर्ट ने गिरफ्तार 13 आरोपियों की बढ़ा दी न्यायिक हिरासत

राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी है। आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। इन आरोपियों में शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, प्रहलाद कुलकर्णी समेत कई अन्य नाम शामिल हैं। CBI ने अदालत को बताया कि जांच अभी जारी है। एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर और भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।