
Neha Bora Detained: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में से बड़ी खबर आई है। दिल्ली पुलिस ने AISA की नेशनल प्रेसिडेंट और JNU की PhD स्कॉलर नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया है। AISA समेत कई छात्र संगठन चुनाव आयोग की विशेेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
ISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक निकाले जा रहे नागरिक मार्च में शामिल थी। पुलिस ने उन्हें अशोक रोड, इंडिया गेट के पास हिरासत में लिया। इससे पहले 2 और 3 अक्टूबर को भी उन्हें प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जा चुका है।
हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा बोरा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें एक वाहन में लेकर जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ हिरासत नहीं है, बल्कि उन्हें अपहरण करके कहीं ले जाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। इसके अलावा नेहा बोरा की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। लोगों ने दावा किया कि जिस वाहन में नेहा को ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। लोगों ने सवाल उठाया कि एक महिला को इस तरह हिरासत में लेना क्या सही तरीका है।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और पार्टी की सदस्य रत्ना सिंह संसद मार्ग थाने पहुंचे। सौरव दास ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस युवाओं को बर्बर तरीके से हिरासत में ले रही है और उनके साथ मारपीट कर रही है। CJP ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि उनकी टीम यौन हिंसा की शिकार महिला के साथ थाने के अंदर गई और एसीपी के खिलाफ छेड़छाड़ के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया कि क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। पार्टी का आरोप है कि कानून के मुताबिक एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली पुलिस अपने एसीपी को बचाने की कोशिश कर रही है।