4 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

US-Iran War: ईरान युद्ध से सीधे थाईलैंड पहुंचा अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर, क्या है वजह?

Iran US conflict: ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में छह महीने तक तैनात रहा USS George HW Bush अब थाईलैंड के फुकेत पहुंचा है। करीब 4,800 अमेरिकी सैन्यकर्मियों को पांच दिन की छुट्टी मिलेगी।
2 min read
Google source verification
Iran US conflict

USS Abraham Lincoln (फोटो- washington post)

US Navy: अमेरिका का बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश (USS George HW Bush) करीब छह महीने तक ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में शामिल रहने के बाद अब थाईलैंड पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना के इस जहाज और उसके साथ मौजूद स्ट्राइक ग्रुप ने पिछले छह महीनों में ईरान पर अमेरिकी हमलों में मदद की। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में ईरानी जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए लगाए गए अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी में भी इसने अहम मदद की थी।

4,800 जवानों को मिलेगी पांच दिन की छुट्टी

यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश के साथ करीब 4,800 अमेरिकी सैन्यकर्मी थाईलैंड के फुकेत पहुंचे हैं। इन सभी को यहां पांच दिन की छुट्टी दी जाएगी। कुछ अमेरिकी नौसैनिकों को पहले ही जहाज से उतरकर फुकेत में आते देखा गया है। फुकेत थाईलैंड का एक मशहूर पर्यटन स्थल है, जहां अब अमेरिकी सैनिक कुछ दिन आराम करेंगे।

मार्च में अमेरिका से निकला था स्ट्राइक ग्रुप

अमेरिकी नौसेना के मुताबिक, मार्च में अमेरिका से रवाना होने के बाद यह फुकेत इस स्ट्राइक ग्रुप का पहला बंदरगाह पड़ाव है। यानी करीब छह महीने की तैनाती के बाद अब इसे पहली बार किसी बंदरगाह पर रुकने और जवानों को आराम करने का मौका मिला है। इस दौरान जहाज और उसके साथ मौजूद स्ट्राइक ग्रुप ईरान से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियान में तैनात रहे।

सैनिकों के परिवारों ने उठाए सवाल

मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर जवानों की स्थिति को लेकर उनके परिवारों ने चिंता जताई थी। परिवारों की ओर से जहाज पर खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें सामने आई थी। इसके साथ ही जवानों की मानसिक सेहत बिगड़ने और यहां तक कि आत्महत्या की कोशिशों की भी जानकारी सामने आई थी। इन घटनाओं को लेकर अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर मौजूद सैनिकों की स्थिति चर्चा में रही है।

थाईलैंड क्यों है खास?

थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया में अमेरिका का एकमात्र संधि सहयोगी देश है। यही वजह है कि अमेरिकी नौसेना के जहाज यहां अक्सर रुकते हैं। इसी साल की शुरुआत में यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) भी थाईलैंड में रुका था। अब लंबे सैन्य अभियान के बाद यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश के फुकेत पहुंचने से अमेरिकी स्ट्राइक ग्रुप को कुछ समय आराम का मौका मिला है।