
SIR Controversy: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के कारण पुलिस ने उन्हें मौके से हिरासत में लिया। हिरासत के दौरान नेहा बोरा और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, बोरा ने पुलिस अधिकारियों से उनका नेम प्लेट दिखाने को कहा और शिकायत करने की बात कही। बोरा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर पहुंची थीं। इससे पहले AISA की ओर से शुक्रवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया था।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल तक पहुंचने से रोक दिया। पुलिस ने जंतर-मंतर से करीब 150 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और इसके बाद एक-एक कर उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, अंजलि भारद्वाज, नेहा बोरा समेत AISA के कई कार्यकर्ता और अन्य प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस ने सभी को बैरिकेड के पास ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से हटाया गया। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंची थीं। हालांकि, पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर हिरासत की कार्रवाई शुरू किए जाने से पहले ही वह वहां से निकल गईं।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। शुरुआत में AISA के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान प्रदर्शनकारियों को एक-एक कर बसों तक ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव समेत कई लोग शामिल हैं। अब तक 40 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल तक नहीं पहुंचने दिया और बैरिकेडिंग वाले इलाके से आगे जाने पर रोक लगा दी। कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को काफी हद तक हटा दिया गया।