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Nepal Flood: नेपाल की बाढ़ का बिहार पर कितना असर? डिप्टी सीएम बोले- टला बड़ा खतरा, हालात नियंत्रण में

Impact of Nepal floods on Bihar: नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के अधिकारी गंडक नदी के जलस्तर को लेकर अलर्ट पर हैं। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने बताया कि गंडक बैराज पर अधिकतम जलस्राव करीब 1.10-1.12 लाख क्यूसेक तक पहुंचा और फिलहाल इसमें कमी आई है। वहीं, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर में स्थिति स्थिर है और जलस्तर में सुधार हो रहा है।
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Aug 27, 2026
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हवाई सर्वेक्षण करते बिहार के सीएम सम्राट चौधरी और डिप्टी सीएम विजय चौधरी (फोटो- vijay choudhary FB)

Nepal Flash Flood: नेपाल की भोटे कोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इस घटना ने बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी बाढ़ की आशंका पैदा कर दी, जिससे राज्य सरकार को हाई अलर्ट पर है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को गंडक बेसिन और वाल्मीकिनगर बैराज का हवाई सर्वेक्षण किया।

खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा पानी

स्थिति की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेपाल में ग्लेशियर फटने की घटना पूरी तरह अप्रत्याशित थी। नेपाल में निगरानी के पहले मॉनिटरिंग पॉइंट देवघाट पर पानी 7 से 8 मीटर तक जाने का अनुमान था, जहां 8 मीटर खतरे का निशान है। हालांकि वहां अधिकतम जलस्तर लगभग 7 मीटर तक ही पहुंचा और फिर घटने लगा।

250-300 किमी की दूरी बना बिहार के लिए ढाल

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा का केंद्र बिहार के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से लगभग 250 से 300 किलोमीटर ऊपर की ओर (अपस्ट्रीम) था। इस दूरी के कारण पानी की शुरुआती तेज गति निचले इलाकों तक पहुंचते-पहुंचते काफी धीमी हो गई, जिससे बिहार के निचले इलाकों में कोई तबाही नहीं हुई।

बिना नुकसान के निकल गया अतिरिक्त पानी

उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने बताया कि गंडक बैराज पर पानी के बहाव (डिस्चार्ज) का शुरुआती अनुमान 2 लाख से 2.25 लाख क्यूसेक के बीच था। इसे देखते हुए, जल संसाधन विभाग और ज़िला प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरती थी और निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया था। हालांकि, पानी का बहाव ज्यादा से ज्यादा 1.10 से 1.12 लाख क्यूसेक तक ही पहुंचा और अब यह घटकर लगभग 1.04 लाख क्यूसेक हो गया है। चूंकि गंडक नदी का जलस्तर पहले से ही सामान्य से थोड़ा कम था, इसलिए अतिरिक्त पानी बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रूप से निकल गया।

बड़े खतरे की आशंका नहीं

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और वाल्मीकिनगर में जलस्तर को लेकर अब कोई संकट नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल में आई आपदा के बाद केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क रही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री हालात पर नजर रखने के लिए बिहार सरकार के लगातार संपर्क में रहे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गंडक बैराज पर जलस्तर लगभग 1.5 लाख क्यूसेक की सुरक्षित सीमा के भीतर है, जिससे किसी बड़े खतरे की आशंका खत्म हो गई है।

स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की सक्रिय कोशिशों के कारण सीमावर्ती इलाकों में कोई अफरातफरी या घबराहट नहीं फैली। साथ ही, गंडक बेसिन और नदी के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और सतर्क रहने की अपील की गई है। हवाई सर्वेक्षण और अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

Updated on:
27 Aug 2026 05:03 pm
Published on:
27 Aug 2026 05:03 pm