
MEA On Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत लगातार राहत और बचाव अभियान में मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि भारत अब तक सात विमानों के जरिए करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है। इसके अलावा राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए 54 भारतीय कर्मियों को भी नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नेपाल सरकार की जरूरतों के मुताबिक भारत आगे भी मदद जारी रखेगा। आने वाले दिनों में अतिरिक्त फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और नेपाल की ओर से मांगी गई अन्य सामग्री भेजने की योजना है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल भेजे गए 54 कर्मियों में 30 टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट, 19 फोरेंसिक एक्सपर्ट और पांच सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारतीय बचाव और फोरेंसिक टीमें नेपाल में मौके पर तैनात हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। रणधीर जायसवाल ने बताया कि गुरुवार को भी दो भारतीय विमान काठमांडू पहुंचे थे, जिनमें करीब 21 टन राहत सामग्री भेजी गई थी। इसके साथ ही सात विमानों के जरिए अब तक कुल करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार की ओर से जो भी जरूरतें बताई जाएंगी, भारत उसी के अनुसार आगे सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।
नेपाल में जारी राहत अभियान के बीच विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को लेकर भी जानकारी शेयर की है। MEA के अनुसार 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार नेपाल सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के लगातार संपर्क में है। नेपाल में अब तक 166 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है और उनके नाम भी नियमित रूप से जारी किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। वहीं, चीन के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फिलहाल तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कोई भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ की आपदा में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं, जबकि 4000 से ज्यादा लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं। नेपाल के रसुवा में आई भीषण बाढ़ की शुरुआत 26 अगस्त को चीन के तिब्बती क्षेत्र से हुई थी। इसके बाद बाढ़ का पानी सीमापार बहने वाली भोटे कोशी नदी में पहुंचा और बड़े पैमाने पर तबाही मचाई।