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दिल्ली-तेलंगाना हाईकोर्ट में बड़ा बदलाव, जस्टिस नितिन सांबरे और जस्टिस पीएस कोशी को मिली बड़ी कमान

Appointment of Judges: केंद्र सरकार ने जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे को दिल्ली हाईकोर्ट और जस्टिस पुथिचीरा सैम कोशी को तेलंगाना हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।
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Oct 05, 2026
NITIN WASUDEO SAMBRE and JUSTICE P. SAM KOSHY (फोटो- delhi high court)
NITIN WASUDEO SAMBRE and JUSTICE P. SAM KOSHY (फोटो- delhi high court)

Telangana High Court: देश की न्यायपालिका में सोमवार को हाई कोर्ट स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने दो महत्वपूर्ण नियुक्तियों को लेकर अधिसूचना जारी की है। जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभालेंगे, जबकि जस्टिस पुथिचिरा सैम कोशी को तेलंगाना हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

जस्टिस कोशी को तेलंगाना हाईकोर्ट की जिम्मेदारी

कानून और न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत जस्टिस पुथिचिरा सैम कोशी को तेलंगाना हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। वह जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के पद छोड़ने के बाद जिम्मेदारी संभालेंगे। जस्टिस सिंह को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है और शपथ लेने के लिए पद छोड़ने के बाद जस्टिस कोशी कार्यभार संभालेंगे।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से तेलंगाना तक का सफर

जस्टिस कोशी को सितंबर 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया था। मार्च 2016 में उन्हें स्थायी जज बनाया गया। इसके बाद 2023 में उनका तबादला तेलंगाना हाईकोर्ट कर दिया गया। अब उन्हें इसी हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई है।

जस्टिस सांबरे बने दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस

जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे को दिल्ली हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। कानून और न्याय मंत्रालय ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी की। यह नियुक्ति दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के बाद हुई है। जस्टिस सांबरे जस्टिस उपाध्याय के पद छोड़ने के दिन से यह जिम्मेदारी संभालेंगे।

1992 में शुरू किया था कानूनी करियर

जस्टिस सांबरे का जन्म 19 दिसंबर 1967 को नागपुर में हुआ था। उन्होंने 1992 में नागपुर के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की पढ़ाई पूरी की। 25 अगस्त 1992 को उन्होंने वकील के रूप में नामांकन कराया। उन्होंने तत्कालीन वरिष्ठ वकील शरद ए. बोबडे के साथ कानूनी करियर शुरू किया, जो बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश बने।

बॉम्बे हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट तक

जस्टिस सांबरे ने बॉम्बे हाईकोर्ट और नागपुर में प्रैक्टिस की। वह 2004 से 2007 तक हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, नागपुर के सचिव भी रहे। 6 जनवरी 2014 को उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का जज बनाया गया। जुलाई 2025 में उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट कर दिया गया था।

Updated on:
05 Oct 2026 09:28 pm
Published on:
05 Oct 2026 09:28 pm