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पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क मामले में NIA की कार्रवाई, चार राज्यों में 12 जगहों पर छापेमारी

NIA conducts raids: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर आतंकी साजिश मामले में बड़ी कार्रवाई की। इसके लिए NIA ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में एक साथ छापेमारी की।

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May 29, 2026
Representative image (File photo/ANI)

NIA Raids: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को चार राज्यों में 12 जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी एक ऐसे मामले में की गई जिसमें एक पाकिस्तानी एजेंट और सीमा पार से रची गई एक कथित आतंकी साजिश शामिल है। यह तलाशी उत्तर प्रदेश (पांच जगह), राजस्थान (दो), बिहार (दो) और महाराष्ट्र (तीन) में उन लोगों को निशाना बनाकर की गई, जिन पर इस मामले से जुड़े होने का शक है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में जसवीर चौधरी नाम का एक पाकिस्तानी एजेंट शामिल है। आरोप है कि उसने अपने भारतीय सहयोगियों के साथ मिलकर ड्रोन के जरिए भारत में हथियारों, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) की एक बड़ी खेप भेजी थी।

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पंजाब-दिल्ली को दहलाने की थी साजिश

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों सहित कई जगहों पर धमाके करने की योजना बना रहे थे, जिसका मकसद बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान पहुंचाना था। इस बारे में और जानकारी का इंतजार है।

सिरसा ग्रेनेड केस में भी कार्रवाई

एक अन्य घटना में, NIA ने बताया कि उसने हरियाणा के सिरसा महिला पुलिस थाने पर नवंबर 2025 में हुए ग्रेनेड हमले के सिलसिले में नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन आरोपियों में दो पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। एजेंसी ने बताया कि आरोपियों पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।

NIA के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहज़ाद भट्टी की एक साजिश का हिस्सा था, जिसका मकसद भारत में पुलिस ठिकानों को निशाना बनाना और दहशत फैलाना था। जांच में पता चला कि आरोपियों को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के ज़रिए कट्टरपंथी बनाया गया और भर्ती किया गया।

इस मॉड्यूल को भारत से संचालित करने वाले मुख्य एजेंट के तौर पर धीरज की पहचान की गई है। एजेंसी ने बताया कि इस समूह ने रेकी करने के बाद सिरसा महिला पुलिस थाने को हमले के लिए चुना और पंजाब से एक ग्रेनेड हासिल किया।

मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड का क्या था मकसद

सिरसा ग्रेनेड केस में एजेंसी ने आगे बताया कि 25 नवंबर, 2025 को हुए इस हमले को प्रचार के मकसद से मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड भी किया गया था। NIA ने आगे कहा कि घटना के बाद भी आरोपी अपने आकाओं के संपर्क में बने रहे। फरार सदस्यों का पता लगाने और इस साज़श के व्यापक संबंधों को उजागर करने के लिए जांच अभी भी जारी है।

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Published on:
29 May 2026 01:50 pm
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