
सोनम वांगचुक तबीयत पर ममता बनर्जी ने केंद्र पर साधा निशाना (ANI)
Sonam Wangchuk Hunger Strike: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आज (शनिवार) को सामाजिक कार्यकर्ता और जलवायु संरक्षण के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अगर कोई व्यक्ति शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखता है, तो उसका जवाब बातचीत से दिया जाना चाहिए, न कि उसकी आवाज को दबाकर।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि वांगचुक कई हफ्तों से सिर्फ सरकार से बातचीत की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का जवाब संवाद होना चाहिए, खामोशी नहीं।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सिर्फ सोनम वांगचुक ही नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं की आवाज भी लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार लोगों की बात सुनने के बजाय विरोध को दबाने की कोशिश करती है, तो इससे लोकतंत्र कमजोर होता है।
टीएमसी प्रमुख ने मांग की कि सोनम वांगचुक को जरूरत पड़ने पर किसी निजी अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नागरिक उनके इलाज का खर्च उठाना चाहें, तो उन्हें इसकी आजादी मिलनी चाहिए। ममता ने कहा कि जनता का भरोसा पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से बनता है, न कि विरोध को दबाने या बातचीत से बचने से। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, जो सरकार असहमति को लोकतांत्रिक अधिकार की बजाय खतरे के रूप में देखती है, वह जनता का विश्वास लंबे समय तक नहीं जीत सकती।
ममता बनर्जी की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने बिगड़ती तबीयत के चलते सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु बंबा के मुताबिक, वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है। लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उन्हें हल्का डिहाइड्रेशन और कमजोरी महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 7:40 बजे वांगचुक अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और उनका इलाज जारी है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के बाद ही सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक पूरी कार्रवाई के दौरान संयम बरता गया और उनकी सेहत को प्राथमिकता दी गई।
सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि देशभर में परीक्षा अनियमितताओं, खासकर नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया है, जिसमें वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने घोषणा की कि वह भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
Updated on:
18 Jul 2026 01:46 pm
Published on:
18 Jul 2026 01:45 pm
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