
Nimisha Thakuria Death Case Guwahati University: गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिशा ठाकुरिया की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मौत से कुछ घंटे पहले उसने अपनी मां को फोन किया था। परिवार के मुताबिक, फोन पर उसने मारपीट की बात कही थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। कुछ समय बाद वह एक होमस्टे में गंभीर हालत में मिली। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उसके कथित साथी आशिक अली को हिरासत में लिया है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से मौत की वजह साफ होने की उम्मीद है।
निमिशा के पिता दीप ठाकुरिया के मुताबिक, वह शुक्रवार शाम करीब 5 बजे घर से निकली थी। उसने अपनी मां से कहा था कि वह दोस्तों के साथ गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रात बिताएगी। रात करीब 10 बजे भी उसने मां से बात की। उसने कहा कि वह हॉस्टल में ही रुकेगी। लेकिन रात करीब 2 बजे अचानक उसका फोन आया। पिता के मुताबिक, उसने मां से कहा कि उसके साथ मारपीट हुई है। उसने सीने पर मुक्का मारे जाने की बात भी कही। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया। कई बार फोन किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद परिवार ने अजारा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। पुलिस ने फोन की लोकेशन पता करने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने बताया कि गरल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक लड़की मिली है। निमिशा को पहले वहां ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने 26 वर्षीय आशिक अली को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों धारापुर-गराल इलाके के एक होमस्टे में रुके थे। आशिक ने पुलिस को बताया कि निमिशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। हालांकि, पुलिस इस बयान की जांच कर रही है। डीसीपी वेस्ट बालिन देउरी ने कहा कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह दावा सही है या नहीं। निमिशा के परिवार का कहना है कि उन्हें होमस्टे में रहने की जानकारी नहीं थी। परिवार के मुताबिक, निमिशा ने हॉस्टल में रुकने की बात कही थी।
पुलिस ने बताया कि दोनों इस महीने पांच बार होमस्टे आ चुके थे। आरोप है कि होटल में उनकी सही पहचान का वेरिफिकेशन नहीं किया गया था। होमस्टे के कमरे की सीआईडी और फोरेंसिक टीम ने जांच की है। कई सबूत भी जुटाए गए हैं।
होमस्टे के स्टाफ सदस्य बिपुल बाइलुंग के मुताबिक, दोनों कमरा नंबर 10 में ठहरे थे। रात करीब 9:30 बजे उन्होंने खाना ऑर्डर किया था। बाद में तड़के मदद के लिए आवाजें सुनाई दीं। स्टाफ कमरे में पहुंचा तो निमिशा फर्श पर पड़ी थी और आशिक उसे पकड़े हुए था।
निमिशा की मौत की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने एयरपोर्ट जाने वाली सड़क को भी रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को 'लव जिहाद' से जोड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच से होनी बाकी है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फोरेंसिक जांच भी जारी है। इन्हीं रिपोर्टों से निमिशा की मौत के हालात और चोटों की वास्तविक वजह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पोस्टमॉर्टम के बाद निमिशा का शव परिवार को सौंप दिया गया। शनिवार शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया।