
Health Minister K Muraleedharan Update: केरल में निपाह वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को राहत भरी जानकारी दी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि संक्रमित मरीज की हालत अभी भी स्थिर बनी हुई है और उसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इसके साथ ही मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिससे हेल्थ डिपार्टमेंट को काफी राहत मिली है।
तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि मरीज की स्थिति पहले जैसी ही है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट किए जा चुके हैं और रिपोर्ट सामान्य आई है। उन्होंने बताया कि मरीज के संपर्क में आए लोगों के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट अब निगेटिव आ चुकी है।
मंत्री ने राज्य में सामने आए शिगेला संक्रमण के मामलों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम, वायनाड और कुछ अन्य क्षेत्रों में मामले सामने आए थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते जरूरी कदम उठाए, जिसके कारण संक्रमण को फैलने से रोक लिया गया है। फिलहाल किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य निदेशक की नियुक्ति और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला कोई विवाद नहीं है और पूर्व अधिकारी का कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका था। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना वजह मुद्दा बनाया जा रहा है और सरकार पूरी तरह पारदर्शी तरीके से काम कर रही है।
मंत्री ने पहले ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया था कि मई से सितंबर का समय निपाह वायरस संक्रमण के लिए ज्यादा जोखिम भरा होता है। इस दौरान लोगों से अपील की गई थी कि वे चमगादड़ों के संपर्क में न आएं और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें।
निपाह वायरस एक जानवरों से फैलने वाली (Zoonotic) बीमारी है। यह मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है। यह संक्रमित भोजन, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैल सकता है। केरल में पिछले कुछ वर्षों में निपाह वायरस के कई मामले सामने आ चुके हैं, इसलिए राज्य सरकार लगातार सतर्कता बरत रही है।