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‘किसानों से झूठे वादे कर गुमराह किया’, कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक सरकार को घेरते हुए बोले उदयनिधि स्टालिन

Udhayanidhi Stalin: डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने किसानों से झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक सरकार को कावेरी जल विवाद और मेकेदातु बांध परियोजना पर घेरा है।
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भारत

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Rahul Yadav

Aug 04, 2026

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डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन (फाइल फोटो - एएनआई)

Udhayanidhi Stalin on Cauvery Dispute: तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने किसानों के मुद्दों और कावेरी जल विवाद को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और कर्नाटक सरकार पर जोरदार हमला बोला है। तिरुचिरापल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि डीएमके ने हाल ही में तंजावुर में किसानों के समर्थन में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था, जिसमें उन्होंने सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किसानों से किए गए झूठे वादों और उनके साथ हुई वादाखिलाफी को प्रमुखता से उठाया।

उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही किसानों को गुमराह किया है। चुनाव के समय किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के जो बड़े-बड़े दावे किए गए थे, सत्ता में आते ही उन्हें पूरी तरह भुला दिया गया।

मेकेदातु परियोजना पर कर्नाटक का अड़ियल रुख

कावेरी जल बंटवारे का मुद्दा उठाते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि कर्नाटक सरकार मेकेदातु बांध परियोजना को आगे बढ़ाने की कोशिशों को लगातार तेज कर रही है।

उन्होंने कहा, "कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई और मेकेदातु बांध निर्माण के अपने फैसले को दोहराया है। एक तरफ जहां कर्नाटक तमिलनाडु को उसके हिस्से का कावेरी पानी जारी नहीं कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।"

किसानों के अधिकारों के लिए DMK का संघर्ष रहेगा जारी

स्टालिन ने बताया कि तंजावुर में हुए विरोध प्रदर्शन में उन्होंने खुद भाग लिया और लगभग 25 मिनट तक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के जल अधिकारों और किसानों की आर्थिक स्थिति पर विस्तार से बात की थी।

उन्होंने कहा कि डीएमके आगे भी किसानों के हितों और कावेरी जल विवाद जैसे गंभीर मुद्दों को उठाती रहेगी और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

कावेरी जल विवाद क्यों है अहम?

कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। दोनों राज्यों के बीच कई बार यह मामला अदालत और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण तक पहुंच चुका है। हाल के दिनों में मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर यह विवाद फिर तेज हुआ है। तमिलनाडु का कहना है कि यदि इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया तो राज्य को मिलने वाले कावेरी जल पर असर पड़ सकता है। वहीं कर्नाटक सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के पक्ष में है और इसे लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा चुकी है। इसी मुद्दे को लेकर उदयनिधि स्टालिन ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा और तमिलनाडु के किसानों के हितों की रक्षा की बात कही।

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