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SIR विवाद पर निर्मला सीतारमण का विपक्ष को जवाब, बोलीं- शिकायत है तो अदालत जाएं

Nirmala Sitharaman SIR Statement: निर्मला सीतारमण ने SIR विवाद पर विपक्ष को अदालत जाने की सलाह दी। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दायर याचिका पर कोर्ट कल सुनवाई करेगा।
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Updated: 26 Oct 2026, 4:07 PM IST
Nirmala Sitharaman SIR Statement
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो-IANS)

Gyanesh Kumar: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष को अदालत जाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि एसआईआर एसआईआर से जुड़ी शिकायतों पर न्याय चाहिए तो विपक्ष अदालत का रुख कर सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब एसआईआर को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद, आप समेत सभी विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

अपने कॉलेज के कार्यक्रम में सीतारमण ने क्या कहा?

निर्मला सीतारमण तिरुचिरापल्ली में स्थित अपने सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज में पहुंची थी। कॉलेज की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने अपने पुराने दिनों को भी याद किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने कई पीढ़ियों की महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है। साल 1951 में केवल 11 छात्राओं के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज करीब 4,500 छात्राओं वाले परिसर तक पहुंच चुका है।

इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए देशभर में चल रहे एसआईआर विवाद पर अपनी टिप्पणी दी। उनका कहना कि विपक्ष इस प्रक्रिया से जुड़ी अपनी शिकायतों को लेकर न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।

कल होगी ज्ञानेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई

एसआईआर को लेकर खड़े हुए विवाद के चलते मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। इनमें एसआईआर की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव और आयोग के फैसलों की वैधता जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस याचिका की कल सुनवाई होगी। याचिका में चुनाव आयोग के कुछ फैसले दूसरे दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लेने के भी आरोप हैैं।

सड़कों से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा विरोध

एसआईआर के खिलाफ विपक्ष और दूसरे संगठनों ने अलग-अलग जगह प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग कार्यालय, जंतर-मंतर, राजघाट और सुप्रीम कोर्ट सहित दिल्ली के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाकात की कोशिश भी हुई और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों की मांगों में चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच शामिल रही।

10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन नहीं हो सका

कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद प्रदर्शन की कोशिश हुई और कई कार्यकर्ताओं तथा नेताओं समेत करीब 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया था।

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26 Oct 2026, 4:07 PM IST
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