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Jamia Protest: जामिया में छात्रसंघ चुनाव की घोषणा के बाद भी नहीं थमा बवाल, छात्राओं ने खोला मोर्चा; कई हिरासत में

Jamia Millia Islamia News: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब दो दशक बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा के बावजूद छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
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नई दिल्ली

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Ashib Khan

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Updated: 26 Oct 2026, 5:25 PM IST

Jamia Student Protest

जामिया में छात्रों का विरोध प्रदर्शन थमने का नहीं ले रहा नाम (Photo-@uniindianews)

Jamia Protest: दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। दरअसल, छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही सोमवार को एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी प्रशासन से चुनाव प्रक्रिया को समय से पूरा करने और मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है।

बताया जा रहा है कि करीब 100 छात्र-छात्राएं अलग-अलग गेट परिसर से यूनिवर्सिटी परिसर में दाखिल हुईं। इनमें से कुछ छात्राएं गेट नंबर 7 के बाहर एकत्र हुईं और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने ‘दिल्ली पुलिस वापस जाओ’ के नारे भी लगाए। 

बता दें कि जामिया में वर्ष 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसे में छात्र एक बार फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की मांग

प्रदर्शन कर रहे एक छात्र ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि प्रशासन मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त करे और चुनाव प्रक्रिया को जल्द पूरा करे। जब तक ऐसा नहीं होता, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्रसंघ नहीं होने के कारण उन्हें अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाने में परेशानी होती है।

जामिया प्रशासन ने 15 दिन में चुनाव कराने का दिया आश्वासन

बता दें कि छात्रों के लगातार प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव कराने का ऐलान किया है। प्रशासन के मुताबिक, छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे।

यह फैसला छात्र प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय अधिकारियों के बीच करीब पांच घंटे तक चली बातचीत के बाद लिया गया। छात्र पिछले करीब दो सप्ताह से छात्रसंघ की बहाली को लेकर प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे थे।

12 अक्टूबर से शुरू हुआ था आंदोलन

जामिया में छात्रसंघ की बहाली को लेकर आंदोलन 12 अक्टूबर को शुरू हुआ था। उस दिन तीन छात्र छात्रसंघ बहाल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।

इसके बाद 21 अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ का संविधान तैयार करने के लिए एक समिति गठित की। हालांकि, छात्रों ने औपचारिक अधिसूचना जारी करने और चुनाव की स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग जारी रखी।

बाद में चार छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। सोमवार सुबह करीब चार बजे तक विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ बातचीत चलती रही। इसके बाद दो छात्रों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी, जबकि छात्रों के अनुसार, एबिन बेसिल और रेहान खान की भूख हड़ताल जारी रही।