बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद सियासत में पूरी तरह से एक्टिव हैं। उन्होंने सोमवार को डॉ राममनोहर लोहिया की जयंती पर जदयू कार्यालय में राममनोहर लोहिया को पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। इस बीच, पटना में मीडिया से बातचीत […]
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद सियासत में पूरी तरह से एक्टिव हैं।
उन्होंने सोमवार को डॉ राममनोहर लोहिया की जयंती पर जदयू कार्यालय में राममनोहर लोहिया को पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।
इस बीच, पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान निशांत ने अपने पिता नीतीश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बार गांधी मैदान में राम मनोहर लोहिया का भाषण चल रहा था। इसी भाषण को सुनकर पिताजी लोहिया जी से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने उन्हें अपना गुरु आदर्श मान लिया और फैसला किया कि वे भी उनके दिखाए गए रास्ते और सिद्धांतों पर चलेंगे।
निशांत ने आगे कहा कि पिताजी जीवनभर लोहिया जी के सिद्धांतों पर चले हैं। चाहे वह सत्य हो, अहिंसा हो, जाति और रंग के आधार पर भेदभाव को खत्म करना हो या महिलाओं की समानता हो।
उन्होंने आगे कहा कि मेरे पिता ने महिलाओं को आरक्षण दिया और उन्हें रोजगार के लिए प्रोत्साहित किया। यह सच्ची लैंगिक समानता को दर्शाता है। उन्होंने जाति और रंग से ऊपर उठकर, सभी वर्गों में न्याय के साथ विकास सुनिश्चित किया।
निशांत कुमार ने कहा- मेरे पिताजी लोहिया जी को अपना गुरु मानते हैं और उनकी विचारधारा से जुड़े रहे। गांधी मैदान में एक बार लोहिया जी का भाषण चल रहा था और उसी दौरान से वे उनसे काफी प्रभावित हुए। तब से वे लोहिया जी के एक प्रकार के शिष्य बन गए।
वहीं, निशांत ने सीएम नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- पिताजी से पहले की सरकारों में बिहार में लूट-पाट और अपराध का राज था, लेकिन जब पिताजी आए तो उन्होंने दंगा और हिंसा को बंद किया। विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का काम किया गया। सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर काम किया गया।
बता दें कि निशांत कुमार जदयू में तब आए हैं, जब उनके पिता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बिहार से जाने का मन यानि कि राज्यसभा जाने की घोषणा की। वे हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में जीत गए हैं।
दूसरी ओर, नीतीश कुमार के बाद बिहार की बागडोर किसके हाथों में आएगी, इसे लेकर चर्चा तेज है। जिन कुछ नामों पर चर्चा ज्यादा है, उनमें एक नाम निशांत कुमार का भी है।