
लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान गुरूवार को भाजपा सांसद रमेश बिधूड़़ी और बसपा सांसद दानिश अली के बीच हुई तकरार अब तूल पकड़ता जा रहा है। बता दें भाजपा सांसद ने बहस के दौरान दानिश अली को अपमानजनक शब्द कहे थे। इसके बाद विपक्षी पार्टियों ने इसे मुद्दा बनाते हुए रमेश के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, अब उनके चौतरफा घिरने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे उनका बचाव किया है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दानिश अली ने "नीच को नीच नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
निशिकांत दुबे ने ओम बिरला को लिखा पत्र
संसद में हुई इस घटना के बाद BJP सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने उक्त चर्चा के दौरान विभिन्न सदस्यों द्वारा दिए गए बयानों की जांच करने के लिए एक जांच समिति बनाने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी जांच करने की मांग की है कि हमारे संविधान के अनुच्छेद 105 का आश्रय लेते हुए अपनी टिप्पणियों के माध्यम से हमारे नागरिकों को भड़काने में संसद के विभिन्न सदस्य किस हद तक दोषी हैं।
दानिश अली पर लगाए गंभीर आरोप
निशिकांत दुबे ने अपने पत्र में दानिश अली पर आरोप लगाया कि लोकसभा में माइक्रोफोन की उपलब्धता के बावजूद बसपा सांसद ने अपनी पूरी शक्ति खर्च करके हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय टिप्पणी की थी। यदि सांसद बिधूड़ी ने अनुचित कार्य किया है, तो मेरे विचार से, दानिश अली सहित अन्य माननीय सदस्यों ने भी समुदायों के बीच शत्रुता फैलाने में योगदान दिया हैं।
रमेश ने दानिश को दी थी गाली
21 सितंबर को नई संसद में विशेष सत्र का चौथा दिन था. लोकसभा में चर्चा का विषय चंद्रयान-3 मिशन की सफलता था। वक्त था रात के 10 बजकर 52 मिनट. स्पीकर के आसन पर उस वक्त केरल से कांग्रेस के सांसद के सुरेश बैठे थे। तभी 57 साल के दक्षिण दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी चंद्रयान की सफलता पर बोलना शुरु करते हैं।
107 सेकेंड तक तो रमेश बिधूड़ी चंद्रयान की सफलता पर बोले, फिर रमेश बिधूड़ी मर्यादा की कक्षा से भटक गए। लोकतंत्र के मंदिर में वह बसपा सांसद दानिस अली के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने लगे। बता दें कि रमेश बिधूड़ी ने एक मिनट तक लगातार 11 गालियां दीं थीं।