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Assam Politics: ‘असम को टुकड़ों में बांटना चाहती थी कांग्रेस’, नेहरू का जिक्र कर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने साधा निशाना

BJP attack on Congress: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और पंडित जवाहर लाल नेहरू पर 1961 में असम को बांटने और भाषा विवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने सिलचर गोलीकांड और असमिया भाषा नीति का जिक्र करते हुए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
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Updated: 19 May 2026, 1:29 PM IST
Nishikant Dubey
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर साधा निशाना (Photo-IANS)

Assam Politics: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 1961 में असम को टुकड़ों में बांटने की साजिश रची थी। बीजेपी सांसद दुबे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 19 मई 1961 को तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू और कांग्रेस शासित असम सरकार ने असम को विभाजित करने, बांग्लादेशी मुसलमानों को बसाने और स्थानीय असमिया लोगों को अलग-थलग करने की नीति अपनाई थी। उन्होंने दावा किया कि 1960 के दशक में तमिलनाडु की तरह असम में भी भाषा के नाम पर हिंसा भड़की थी।

असम हिंसा का किया जिक्र

उन्होंने आगे कहा कि 19 मई 1961 को असम के बराक वैली स्थित सिलचर में बंगाली भाषी समुदाय पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि हजारों लोग घायल होकर अस्पतालों में भर्ती हुए थे। 

बीजेपी सांसद के मुताबिक, कांग्रेस सरकार ने 1960 में एक कानून बनाकर शिक्षा, सरकारी कामकाज और नौकरियों में असमिया भाषा को अनिवार्य कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय बुद्धिजीवियों ने लगातार नेहरू से मुलाकात कर अपनी चिंता जताई, लेकिन सिलचर गोलीकांड तक सरकार अपने फैसले पर अड़ी रही।

यह पहली बार नहीं है जब निशिकांत दुबे ने पंडित जवाहर लाल नेहरू पर आरोप लगाया है। इससे पहले सोमवार को भी आरोप लगाया कि नेहरू 1953 में जम्मू-कश्मीर में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की गिरफ्तारी और बाद में जेल में हुई उनकी मौत के कवर-अप में शामिल थे।

अमित शाह ने भी लगाया था आरोप

वहीं अप्रैल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पंडित जवाहर लाल नेहरू और गांधी परिवार पर असम के प्रति कभी सकारात्मक भावना न रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा था कि चीन के हमले के दौरान नेहरू ने असम को टाटा-बाय-बाय कहा था। यह बात शाह ने असम में एक रैली को संबोधित करते हुए कही थी। 

उन्होंने कहा था कि आज कोई भी असम की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने राज्य में शांति स्थापित करने के लिए 13 समझौते किए और विकास कार्यों को गति दी।

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19 May 2026, 1:29 PM IST
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