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BJP को वोट देने वाले BJD-कांग्रेस के 11 विधायकों की सदस्यता क्यों बरकरार रही? स्पीकर ने बताई वजह

ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष Surama Padhy ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों को लेकर BJD के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं खारिज कर दीं।

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Jun 23, 2026
Surama Padhy
ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढी (ANI Photo)

Surama Padhi Statemen: ओडिशा की राजनीति में बड़ा सियासी मोड़ आया है। विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी (Surama Padhy) ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में घिरे बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले से 11 विधायकों को बड़ी राहत मिली है, जबकि दोनों विपक्षी दलों के कदम को झटका माना जा रहा है।

स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने फैसले पर दी सफाई

इस पूरे मामले पर ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, 'राज्यसभा चुनावों के बाद, मुझे बीजू जनता दल (BJD) के 8 और कांग्रेस के 3 सदस्यों को अयोग्य ठहराने के लिए आवेदन मिले। इन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी-अपनी पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन किया है।

इसके बाद, पार्टियों ने पहले तो इन सदस्यों के बैठने की व्यवस्था में बदलाव की मांग की और फिर उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए याचिकाएं दायर कीं। बैठने की व्यवस्था बदलने की शुरुआती मांग पर उचित कार्रवाई की गई, और दूसरे मामले में, उन्होंने BJD के 8 और नेशनल कांग्रेस के 3 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं सौंपीं।

स्पीकर ने बताया याचिकाएं क्यों हुईं खारिज

स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने बताय कि BJD और कांग्रेस की ओर से विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए दायर याचिकाओं को कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के आधार पर खारिज कर दिया। स्पीकर ने बताया कि अयोग्यता नियम 6 और उप-नियम 7 के तहत याचिका में जरूरी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य था। इनमें याचिकाकर्ता की ओर से जमा किए गए सभी दस्तावेजों पर स्याही से हस्ताक्षर होना और दस्तावेज के हर पन्ने पर हस्ताक्षर किए जाना जरूरी था। इसके अलावा याचिका के साथ शपथ-पत्र भी देना होता है।

स्पीकर ने कहा कि BJD और कांग्रेस की ओर से दायर याचिकाओं में ये जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी नहीं थीं, इसलिए इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।

क्रॉस वोटिंग मामले में आया फैसला

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को लेकर दायर अयोग्यता याचिकाओं पर स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने कहा कि बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों पर पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने के आरोप लगाए गए थे। दोनों दलों ने इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर याचिकाएं दाखिल की थीं। हालांकि, जांच में याचिकाओं में प्रक्रियात्मक कमियां पाई गईं और वे तय नियमों के अनुसार नहीं थीं। इसी वजह से अयोग्यता से जुड़े नियमों की जरूरी शर्तें पूरी नहीं होने के आधार पर इन याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।

जानिए क्या है पूरा मामला

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर ओडिशा की राजनीति में विवाद खड़ा हुआ था। BJD और कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उनके कुछ विधायकों ने पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाकर मतदान किया। इसी आधार पर दोनों दलों ने विधानसभा अध्यक्ष के पास अपने विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग वाली याचिकाएं दाखिल की थीं।

मामले की सुनवाई के बाद विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने कहा कि याचिकाओं में अयोग्यता साबित करने के लिए पर्याप्त तथ्य और जरूरी कानूनी आधार नहीं मिले। उन्होंने कहा कि फैसला कानून के प्रावधानों के अनुसार लिया गया है और इसी आधार पर 11 विधायकों के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।


Published on:
23 Jun 2026 05:08 pm