
ललित मोदी और विजय माल्या। (फोटो- ANI)
धोखाधड़ी कर भारत से फरार दो मशहूर भगोड़ों विजय माल्या और ललित मोदी को अब तक केंद्र सरकार वापस लेकर नहीं आ पाई है। इस मामले में विदेश मंत्रालय से सवाल पूछे जाने पर चौंका देने वाला जवाब मिला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साफ कहा है कि ललित मोदी और विजय माल्या दोनों के एक्सट्राडिशन के मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अभी और इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
करोड़ों रुपये के कर्ज और आरोपों के साथ देश छोड़कर भागे इन कारोबारियों को वापस लाने की कोशिशें लगातार चल रही हैं, लेकिन विदेशी अदालतों और कानूनी उलझनों के कारण सफलता अभी दूर नजर आ रही है।
ललित मोदी के पासपोर्ट को लेकर भी सवाल उठे थे। क्या उन्होंने अपना पासपोर्ट हाई कमीशन को सौंप दिया है? इस पर रंधीर जायसवाल ने कहा कि उनके पास इसकी भी जानकारी नहीं है। वे इसकी पुष्टि करके बाद में बताएंगे।
यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पासपोर्ट संबंधी दस्तावेज कई बार एक्सट्राडिशन प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। अगर फरारी पासपोर्ट सरेंडर नहीं करता तो कानूनी रास्ते और भी पेचीदा हो जाते हैं।
विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा - जितनी जानकारी है, वह यही है कि दोनों मामलों में लीगल प्रोसीडिंग चल रही है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि जैसे ही कोई ठोस अपडेट आएगा, वो मीडिया के साथ शेयर किया जाएगा।
यह बयान उन लोगों के लिए निराशाजनक हो सकता है जो उम्मीद कर रहे थे कि इन फरारियों को जल्द भारत लाया जाएगा। लेकिन सरकार की तरफ से यह भी भरोसा दिलाया गया है कि मामला नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
विजय माल्या को किंग ऑफ गुड टाइम्स कहा जाता था। उनकी एयरलाइंस किंगफिशर के दिवालिया होने के बाद हजारों करोड़ का कर्ज चढ़ गया। बैंक उन्हें फ्रॉड का आरोप लगाते हैं।
माल्या ब्रिटेन में रह रहे हैं और सालों से एक्सट्राडिशन की लड़ाई लड़ रहे हैं। ललित मोदी आईपीएल के पूर्व चेयरमैन रहे हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गंभीर आरोप हैं।
वे भी विदेश में ही हैं और भारत सरकार उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही है। दोनों ही मामलों में कोर्ट में सुनवाई चल रही है, जिसकी वजह से प्रक्रिया लंबी खिंच गई है।
Updated on:
23 Jun 2026 05:25 pm
Published on:
23 Jun 2026 05:25 pm
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