
Odisha Politics: ओडिशा में INDIA ब्लॉक ने 8 अक्टूबर को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। गठबंधन ने यह फैसला विशेष रूप से नए माइनिंग कानून को लेकर है। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भुवनेश्वर के गांधी मार्ग पर आयोजित परिवर्तन रैली में बंद की घोषणा की। उन्होंने इस रैली में माइनिंग कानून के अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और स्कूल की किताबों में हुई गलतियों समेत कई मुद्दों को उठाया। साथ ही भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आवास के पास INDIA ब्लॉक के नेताओं ने प्रदर्शन भी किया।
OPCC के अध्यक्ष भक्त चरम दास ने 8 अक्टूबर को ओडिशा बंद का ऐलान किया है। यह घोषणा उन्होंने मंगलवार को भुवनेश्वर के गांधी मार्ग पर एक 'परिवर्तन रैली' को संबोधित करते हुए की। OPCC प्रमुख ने कहा कि गठबंधन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग को और तेज करेगा। इसके साथ ही गठबंधन ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 पर भी आपत्ति जताई है।
माइनिंग कानून संशोधन और पाठ्यपुस्तकों में गलतियों को लेकर विधानसभा में विपक्ष ने लगातार विरोध किया। ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र 3 अक्टूबर तक चलना था लेकिन 28 सितंबर को ही सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सरकार ने बाढ़ की स्थिति को इसका कारण बताया।
INDIA गठबंधन ने माइनिंग कानून का विरोध किया है। संसद ने अगस्त में इस कानून को पास किया था। इस कानून में यह प्रावधान है कि इससे राज्य अब खनिज अधिकारों और खनिज वाली जमीन पर कुछ तरह के शुल्क नहीं लगा सकते। इसके अलावा कानून लागू होने से पहले लगाए गए शुल्क और बकाया पैसे भी वसूल नहीं किए जा सकते। ऐसे में पूरे खनन क्षेत्र में ऐसे बकाये की राशि अनुमानित रूप से करीब 2 लाख करोड़ रुपये है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2024 के फैसले में राज्यों को खनिज अधिकारों और खनिज वाली जमीन पर टैक्स लगाने का अधिकार दिया था। लेकिन इसके बाद माइनिंग कानून में संशोधन कर दिया गया। इस पर सरकार का कहना है कि राज्यों की ओर से लगाए जाने वाले ज्यादा शुल्क से जरूरी खनिजों की कीमत बढ़ सकती है। इससे महंगाई और इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत पर असर पड़ सकता है।