
Vote Chori Rally: कांग्रेस लगातार वोट चोरी का मुद्दा उठा रही है। इस मुद्दे के तहत वह BJP पर वोट चोरी का आरोप लगा रही है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने राजधानी दिल्ली में "वोट चोर गद्दी छोड़" रैली भी निकाली थी। अब यही मुद्दा कांग्रेस को अपने इंडिया गठबंधन के साथियों से अलग कर रहा है। कांग्रेस की इस रैली के बाद सोमवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान आया है। उन्होंने अपने आप को कांग्रेस के वोट चोरी वाले मुद्दे से अलग करते हुए कहा है कि कांग्रेस के इस मुद्दे से मेरा और इंडिया गठबंधन का कोई लेना-देना नहीं है।
कांग्रेस के द्वारा उठाए जा रहे वोट चोरी के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला से सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि न तो मेरा और न ही इंडिया गठबंधन के किसी साथी का इस मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हर एक पार्टी को अपना राजनीतिक मुद्दा तय करने की आजादी है। वह अपने हिसाब से राजनीतिक मुद्दा तय कर सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट चोरी का मुद्दा और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को अपना मुख्य एजेंडा बनाया हुआ है। इसके बाद उन्होंने अपने आप को अलग करते हुए कहा कि हम कांग्रेस को कुछ कहने वाले कौन होते हैं? उन्हें जो सही लगता है, उन्हें वो करना चाहिए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की यह टिप्पणी राजधानी में निकाली गई कांग्रेस की "वोट चोर गद्दी छोड़" रैली के बाद आई है। इस रैली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने BJP और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए हमला किया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि वोटों की चोरी करना BJP के खून में है। साथ ही कांग्रेस के नेताओं ने BJP के नेताओं को गद्दार बताते हुए मतदाताओं से उनके वोट देने के अधिकार को छीनने के भी आरोप लगाए थे।
कांग्रेस अपने वोट चोरी के मुद्दे से पीछे नहीं हट रही है। कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके पास वोट चोरी के खिलाफ लगभग 1 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित किए हुए हैं। साथ ही कांग्रेस ने हस्ताक्षर किए पत्रों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने पेश करने की चेतावनी भी दी है।