
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी। (फोटो- IANS/AICC)
Congress ‘Vote Chor, Gaddi Chhod’ Rally: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली को संबोधित करते हुए भाजपा-आरएसएस पर सीधा वैचारिक हमला बोला। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा की राजनीति में सत्य से ज्यादा सत्ता महत्वपूर्ण है। राहुल ने कहा कि हिंदू धर्म समेत दुनिया के सभी धर्म सत्य पर टिके हैं, पर सत्ता हाथ से फिसलने के डर से भाजपा घबराई हुई है। देश में आज सत्य और असत्य की लड़ाई चल रही है और कांग्रेस सत्य के बल पर आरएसएस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सरकार को सत्ता से हटाएगी।
खचाखच भरे मैदान में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, भाजपा और आरएसएस पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है, यह उनके चेहरे से साफ झलकता है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह संसद में बोलते समय हाथ कांपते नजर आए। राहुल ने कहा कि सत्ता रहते ही इनकी बहादुरी दिखती है, सत्ता जाते ही यह बहादुरी कहां चली जाएगी, कहना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह और विवेक जोशी भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इनके लिए कानून बदला है, पर कांग्रेस सरकार बनने पर इस कानून को बदला जाएगा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि चुनाव आयुक्त देश के होते हैं, भाजपा के नहीं।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र चलता है, तब प्रधानमंत्री विदेश चले जाते हैं और सदन में बैठकर सवालों के जवाब नहीं देते। राहुल और प्रियंका ने सवाल पूछे, पर एक का भी जवाब नहीं मिला। खरगे ने कहा कि ‘वोट चोरी’ देश से गद्दारी है और ऐसे लोगों को सत्ता से हटाना जरूरी है। आरएसएस की विचारधारा देश को बचाने वाली नहीं, बल्कि इसे कमजोर करने वाली है। यह गरीबों को फिर से गुलाम बनाना चाहती है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आज देश का युवा बेटिंग ऐप्स में उलझा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े एक व्यक्ति ने बेटिंग ऐप घोटाले किए हैं, पर ऐसे गंभीर मुद्दों पर संसद में चर्चा नहीं होती। मोदी सरकार महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे बुनियादी सवालों पर पूरी तरह विफल रही है। डॉलर 90 रुपए तक पहुंच गया है, विदेश नीति कमजोर हो चुकी है और युवा पेपर लीक, महंगाई व बेरोजगारी से जूझ रहा है। जनता का भरोसा मोदी-शाह से उठ चुका है और अब भाजपा को जीत के लिए चुनाव आयोग का सहारा लेना पड़ रहा है।
Updated on:
15 Dec 2025 04:29 am
Published on:
15 Dec 2025 04:29 am
