
रितब्रत बनर्जी(फोटो-IANS)
TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी संकट के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बागी टीएमसी गुट के नेता रितब्रत बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चंद्रिमा भट्टाचार्य के सभी पदों से इस्तीफे को लेकर कहा कि टीएमसी अब एक 'प्राइवेट लिमिटेड कंपनी' की तरह चल रही है, जहां कुछ चुनिंदा लोगों के अलावा किसी की कोई अहमियत नहीं है।
रितब्रत बनर्जी ने कहा कि पार्टी में अपमानित किया जाना अब सामान्य बात हो गई है और चंद्रिमा भट्टाचार्य के साथ जो हुआ, वह कोई नई घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि चंद्रिमा एक अनुभवी नेता हैं, कई बार विधायक और मंत्री रह चुकी हैं। उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं है। बनर्जी ने कहा कि चंद्रिमा के बेटे उनके मित्र रहे हैं और अब उनके साथ जुड़े हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि चंद्रिमा की पार्टी के प्रति वफादारी पर सवाल उठाए जाएं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि शनिवार को चंद्रिमा भट्टाचार्य से जुड़ी एक घटना हुई, जिसमें सायोनी और माला जैसे नेताओं के नाम भी सामने आए। बाद में राष्ट्रीय कार्यसमिति के एक सदस्य वहां पहुंचे और बैठक हुई। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की पूरी जानकारी जुटाई जानी चाहिए।
ममता बनर्जी द्वारा बागी नेताओं को 'गद्दार' बताए जाने पर रितब्रत बनर्जी ने कहा कि इतिहास को बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पहले कांग्रेस में थीं। बाद में कांग्रेस से अलग होकर टीएमसी बनाई गई और उस समय पार्टी को बीजेपी का भी समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि उस दौर के राजनीतिक घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रितब्रत बनर्जी ने कहा कि उनकी सिर्फ एक अपील है कि 'गद्दार' शब्द का इस्तेमाल इतना न हो कि अंत में पार्टी में केवल 'बॉस' ही बच जाएं।
टीएमसी के दोनों गुटों को चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए नोटिस पर रितब्रत बनर्जी ने कहा कि जिस दिन उनका प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला था, उसी शाम दोनों पक्षों को ईमेल भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि एक पत्र ममता बनर्जी को भेजा गया, जिसकी कॉपी उनके गुट को मिली, जबकि दूसरा पत्र उनके गुट को भेजा गया और उसकी प्रति ममता बनर्जी को भेजी गई।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में दावा किया जा रहा था कि कोई नोटिस नहीं मिला है, लेकिन अब यह जानकारी सार्वजनिक हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग सर्वोच्च संवैधानिक संस्था है और आयोग ने जो जानकारी मांगी है, वह निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी। रितब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके गुट की संगठनात्मक बैठक भी होगी और इस मुद्दे पर चेयरमैन अरूप रॉय से भी चर्चा की जाएगी। उनके अनुसार, राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाए जाने की संभावना है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के सवाल पर रितब्रत बनर्जी ने कहा कि उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
Updated on:
04 Jul 2026 10:18 pm
Published on:
04 Jul 2026 10:15 pm
