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Omicron Variant: देश में कब से दी जाएगी बूस्टर डोज, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दी जानकारी

Omicron Variant कोरोना से जंग के बीच ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि देश में वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की मांग भी बढ़ रही है। इस बीच संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में बूस्टर डोज दिए जाने को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने ये भी बताया कि देश में अब तक 89 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है।
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Updated: 10 Dec 2021, 1:00 PM IST
Mansukh mandavia

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coroanvirus ) का अब तक का सबसे खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन ( Omicron Variant ) तेजी से पैर पसार रहा है। देश के कई राज्यों में इस वैरिएंट के मरीज अब तक पाए जा चुके हैं। यही वजह है कि केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक हर स्तर पर इससे बचाव को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। यही नहीं देशभर में इससे बचाव के लिए वैक्सीन की बूस्टर डोज जल्द दिए जाने की मांग भी उठ रही है। इस बीच संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बूस्टर डोज को लेकर अहम जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के बीच देश में बूस्टर डोज को लेकर लैब में स्टडी की जा रही है। इसके बाद ही बताया जा सकेगा कि वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि देश में दो एक्सपर्ट ग्रुप हैं। दोनों ग्रुप जब सहमति देंगे तो हम तीसरा या बूस्टर डोज देंगे।

देश में कोरोना का नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर सरकार लगातार कदम उठा रही है। इस बीच लोकसभा में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि अब तक देश में 89 फीसदी फर्स्ट डोज लगा दिया है। जबकि करीब 7 करोड़ डोज अब भी राज्यों के पास पड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि बूस्टर डोज को लेकर भी देश में तैयारी चल रही है। देश में दो ग्रुप हैं जहां इसको लेकर जांच हो रही है। दोनों ग्रुप की सहमति मिल जाने के बाद देश में तीसरा बूस्टर डोज देना शुरू कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केरल में एक्सपर्ट टीम ने शोध करने के बाद सलाह दी है कि कोरोना वायरस अप्रोप्रिट बिहेवियर अपनाना ही सबसे सही तरीका है।

उन्होंने कहा कि अब तक देश में ओमिक्रॉन के 23 मामले हैं। हम रोज वैज्ञानिकों से इसको लेकर चर्चा कर रहे हैं। तीसरे डोज को लेकर भी लगातार अध्ययन चल रहा है। ये जानने की कोशिश की जा रही है कि म्यूटेंट कैसे-कैसे व्यवहार कर रहा हैं।

बता दें कि देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के अब तक 23 मामले सामने आ चुके हैं। ये मामले मुख्य रूप से पांच राज्यों में देखने को मिले हैं, सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं, जबकि इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और कर्नाटक हैं। राहत की बात यह है कि राजस्थान में मिले 9 ओमिक्रॉन मरीज पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं। अन्य मरीजों में हल्के लक्षण होने से फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है।

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