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Republic Day: भारत में जबरन घुस रहा था शख्स, मना करने पर भी नहीं माना, भारतीय जवानों ने पाकिस्तान में ही कर दिया ढेर

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में इंटरनेशनल बॉर्डर पर बीएसएफ जवानों ने रविवार देर रात एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गोली मारकर मार गिराया। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। यह घटना सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों की सतर्कता को दर्शाती है।

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Jan 26, 2026
पाकिस्तानी घुसपैठिए को BSF ने मार गिराया। (फोटो- IANS)

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में इंटरनेशनल बॉर्डर पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया है।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि रविवार देर रात इंटरनेशनल बॉर्डर पर भारतीय जवानों ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गोली मार दी।

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घुसपैठिया रामगढ़ सेक्टर के माजरा इलाके में एक बॉर्डर आउटपोस्ट से भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश कर रहा था, तभी सतर्क जवानों ने उसकी हरकत देख ली।

बीएसएफ जवानों ने घुसपैठिए को पहले चेतावनी दी। जब उसने चेतावनियों को नजरअंदाज किया और अंधेरे का फायदा उठाकर भारत की तरफ बढ़ता रहा, तो जवानों ने गोली चला दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

पाकिस्तान की तरफ पड़ा है शव

अधिकारियों ने आगे कहा- मारे गए पाकिस्तानी नागरिक का शव इंटरनेशनल बॉर्डर के पास पाकिस्तान की तरफ पड़ा है। और जानकारी का इंतजार है।

जम्मू और कश्मीर में सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में 240 किलोमीटर लंबी इंटरनेशनल बॉर्डर है। भारतीय तरफ बीएसएफ इंटरनेशनल बॉर्डर की रखवाली करती है, जबकि दूसरी तरफ पाकिस्तानी रेंजर्स इसकी रखवाली करते हैं।

740 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल

केंद्र शासित प्रदेश में कश्मीर के बारामूला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, पुंछ, राजौरी और आंशिक रूप से जम्मू जिले में 740 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) है। सेना LoC की रखवाली करती है।

सेना और BSF की ड्यूटी सीमा पर घुसपैठ, सीमा पार तस्करी और पाकिस्तान की तरफ से होने वाली ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए लगाई गई है।

इन ड्रोनों का इस्तेमाल आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना की मदद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बनाए रखने के लिए हथियार/गोला-बारूद, नकदी और ड्रग्स गिराने के लिए करते हैं।

पाकिस्तान से आए सामानों को कौन उठाता है?

इन सामानों को आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाते हैं और आतंकवादियों तक पहुंचाते हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हैं।

इन अभियानों में तस्करी विरोधी अभियान भी शामिल हैं। माना जाता है कि ड्रग तस्करी और हवाला मनी रैकेट से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आखिरकार आतंकवाद को बनाए रखने के लिए किया जाता है।

Updated on:
26 Jan 2026 04:29 pm
Published on:
26 Jan 2026 02:07 pm
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