
संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र के दौरान 'एक देश, एक चुनाव' से जुड़ा बिल पेश नहीं किया जाएगा। बिल पेश नहीं होने पर इस पर चर्चा भी नहीं होगी। इस विधेयक की जांच के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। अब समिति को अपनी रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक सौंपनी होगी।
जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद अब स्थिति स्पष्ट हो गई है कि समिति अपनी रिपोर्ट मौजूदा सत्र के दौरान पेश नहीं करेगी। ऐसे में 'एक देश, एक चुनाव' विधेयक पर आगे की प्रक्रिया अब शीतकालीन सत्र में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे बढ़ने की संभावना है।
शीतकालीन सत्र 2026 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक का प्रस्ताव समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने लोकसभा में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया था, जिसे ध्वनि मत से मंजूरी मिल गई।
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