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Operation Sindoor: सटीक हमले और देसी हथियारों का दम, ऑपरेशन सिंदूर पर एयर चीफ एपी सिंह का बड़ा बयान

Operation Sindoor 2025: पश्चिमी सीमा पर इतने बड़े क्षेत्र में सटीक हमले किए गए कि कोई भी लक्ष्य वायुसेना की पहुंच से बाहर नहीं बचा। देश में बने कई हथियारों ने दुश्मन को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। ऑपरेशन से एक बड़ी सीख भी निकली- हमेशा कई विकल्प रखो और तेजी से बदलती स्थिति के हिसाब से खुद को ढाल लो। एयर चीफ ने इन बातों पर जोर दिया।
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Updated: 25 Oct 2026, 10:10 AM IST
Air Chief Marshal AP Singh
Air Chief Marshal AP Singh: ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया- वायुसेना की राह सही, कोई लक्ष्य अब दूर नहीं (फोटो सोर्स: ANI)

Air Chief Marshal AP Singh: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने खुलकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साफ दिखा दिया कि भारतीय वायुसेना ने जो रास्ता चुना है, वो बिल्कुल सही है। पश्चिमी मोर्चे पर 1200 किलोमीटर फैले और 200 किलोमीटर गहरे इलाके में हुए सटीक हमलों ने दुश्मन को तगड़ी चोट दी। देशी हथियारों का प्रदर्शन शानदार रहा और हवा में हमारी ताकत ने दिखा दिया कि वायुसेना अब देश की सबसे मजबूत सुरक्षा दीवार है।

Indian Air Force: पहली प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति बनी वायुसेना

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बिना घुमा-फिराए बातें रखीं। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन बताता है। भारतीय वायुसेना अब पहली प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति भी है और रणनीतिक रूप से दुश्मन को रोकने वाली ताकत भी बन गई है।

Operation Sindoor 2025: 1200 किलोमीटर के मोर्चे पर सटीक हमले

पश्चिमी मोर्चे पर सेना ने 1200 किलोमीटर चौड़ाई और 200 किलोमीटर गहराई में जिस तरह सटीक हमले किए, उससे एक बात साफ हो गई कि अब हमारे लिए कोई लक्ष्य दूर या पहुंच से बाहर नहीं रहा। चाहे जितनी भी दूरी हो, भारतीय वायुसेना बिना हिचक निशाना लगा सकती है।

Indigenous Defence Weapons: स्वदेशी हथियारों ने दिखाया दम

इस अभियान के दौरान देश में बने कई हथियारों ने कमाल किया। उन्होंने दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया। देसी तकनीक और हथियारों पर भरोसा सही साबित हुआ। एपी सिंह ने इस बात को दोहराया कि स्वदेशी क्षमता अब केवल कागज पर नहीं, बल्कि मैदान में असरदार साबित हो रही है।

Indian Air Force Strategy: बदलते हालात के हिसाब से रणनीति जरूरी

ऑपरेशन से एक बड़ा सबक यह मिला कि हमेशा अपने पास कई विकल्प होने चाहिए और हालात जैसे-जैसे बदलते हैं, उन्हीं के हिसाब से रणनीति भी बदलना जरूरी है। यही लचीलापन जीत की सबसे बड़ी चाभी है।

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले के जवाब में शुरू हुआ था ऑपरेशन

याद रहे, ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था। इसमें आतंकियों के साथ-साथ पाकिस्तान के तमाम सैन्य ठिकानों, एयरबेस, रडार और कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया। चार दिन चले इस ऑपरेशन में वायुसेना ने निर्णायक भूमिका निभाई। अलग-अलग रिपोर्ट्स और रक्षा मंत्रालय के रिकॉर्ड में भी लिखा है कि भारतीय वायुसेना ने आकाश में अपनी ताकत दिखाई और दुश्मन आखिरकार बातचीत की मेज पर आने को मज़बूर हुआ।

कार्यकाल के अंतिम दिनों में एपी सिंह का बयान

यह बयान एपी सिंह ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में दिया। वे अक्टूबर 2026 के अंत में रिटायर होने वाले हैं। उनके नेतृत्व में वायुसेना ने सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर ही नहीं, बल्कि कई सैन्य अभ्यासों में भी देशी हथियारों और प्रणालियों को आगे रखा। तेजस विमान से लेकर अलग-अलग मिसाइल सिस्टम तक, देसी हथियारों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।

सटीकता, रफ्तार और लचीलापन बनी वायुसेना की पहचान

जानकार मानते हैं ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर साबित किया कि आज के युद्ध में वायुसेना सबसे बड़ी ताकत है। सटीकता, रफ्तार और लचीलापन यही अब भारतीय वायुसेना की पहचान बन गई है। पीटीआई से बात करते हुए एयर चीफ ने ये बातें दोहराईं और भविष्य के लिए भी तैयार रहने को कहा।

कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ दुश्मनों को कड़ा सबक सिखाया नहीं, बल्कि हमारी अपनी ताकत और भरोसे को भी और मजबूत किया। देश की सुरक्षा के लिए अब वायुसेना पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है।

Updated on:
25 Oct 2026, 10:10 AM IST
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