पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) शुरू किया था। ऑपरेशन सिंदूर में फ्लाइट लेफ्टिनेंट समर्थ शुक्ला (Lieutenant Samarth Shukla) ने अहम भूमिका निभाई थी। आइए जानतें हैं, कौन हैं समर्थ शुक्ला?
भारतीय वायु सेना के मिराज-2000 स्क्वाड्रन में तैनात फ्लाइट लेफ्टिनेंट समर्थ शुक्ला को मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए सटीक हवाई हमलों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदान किया गया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट समर्थ शुक्ला भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच के एक योग्य और समर्पित पायलट के रूप में जाने जाते हैं।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट समर्थ शुक्ला ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर किए गए सटीक हवाई हमलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। इसके लिए उनकी बहादुरी और पेशेवर क्षमता को राष्ट्र स्तर पर मान्यता मिली है। समर्थ शुक्ला ने 2018 में अखिल भारतीय स्तर पर संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (CDS) में 8वीं रैंक हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। CDS की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना में शामिल होने का फैसला किया था।
DTU टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में समर्थ शुक्ला ने बताया- मैं हमेशा से वायु सेना में शामिल होना चाहता था। 9 से 5 की नौकरी और सप्ताहिक अवकाश का इंतजार करने वाला जीवन मेरे लिए नहीं था। मैं पायलट बनना चाहता था। वर्दी पहनने का गर्व और राष्ट्रसेवा की संतुष्टि मुझे वायु सेना की ओर खींचती थी। समर्थ शुक्ला ने 21 दिसंबर 2019 को 204 पायलट कोर्स के तहत भारतीय वायु सेना में कमीशन प्राप्त किया।
फरवरी 2021 में वायु सेना स्टेशन बीदर में आयोजित समापन समारोह में उन्हें पूरे कोर्स में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। उन्हें 21 दिसंबर 2021 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति मिली। उनकी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि ने CDS परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
DTU प्रशासन ने भी लिखित परीक्षा, सेवा चयन बोर्ड (SSB) और चिकित्सा परीक्षण के दौरान उन्हें पूरा सहयोग दिया था। फ्लाइट लेफ्टिनेंट समर्थ शुक्ला का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय वायु सेना के युवा पायलटों की व्यावसायिकता, सटीकता और अटूट समर्पण का भी प्रतीक है। ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में उनकी भूमिका ने साबित किया कि भारतीय वायु सेना के पायलट दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और प्रभावी हमले करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों ने जान गंवाई थी। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैबा से जुड़े आतंकवाद से संबंधित 9 ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। इन हमलों को लक्षित, सुनियोजित और तनाव कम करने वाला बताया गया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाए बिना आतंकवादी नेटवर्क को नष्ट करना था। ऑपरेशन के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुक्ला के स्क्वाड्रन ने प्रमुख लक्ष्यों पर सटीक हवाई हमले किए। उन्होंने मिराज 2000 विमान का संचालन करते हुए सटीक गोलाबारी की।