
एस-400 वायु रक्षा प्रणाली (Image: ANI)
Russia dispatched S-400 Missile Defense System: रूस ने भारत के लिए चौथा S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम रवाना कर दिया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार यह डिफेंस सिस्टम मई के मध्य तक भारत पहुंच जाएगा। इसे पश्चिमी मोर्चे पर राजस्थान क्षेत्र में तैनात किए जाने की संभावना है। वर्तमान में तीन S-400 सिस्टम देश के पश्चिमी और उत्तरी मोर्चे पर पहले से तैनात हैं। भारत ने रूस के साथ वर्ष 2018 में पांच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए करीब 5.5 बिलियन डॉलर का समझौता किया था।
भारत की साल 2018 में रूस से पांच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीदने की डील हुई थी। इसी डील के तहत चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम मई में भारत पहुंच जाएगा। इसके अलावा बचा हुआ पांचवां एयर डिफेंस सिस्टम नवंबर 2026 तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। पांचवें सिस्टम की तैनाती चीन सीमा से सटे मध्य क्षेत्र में की जा सकती है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड (DAC) की बैठक में रूस से 5 अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस नई डील के तहत 280 मिसाइलों की खरीद भी शामिल है। यह खरीदारी भारत की वायु रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। रक्षा मंत्रालय अब एस-400 सिस्टम के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल की सुविधा भारत में ही स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। यह काम निजी क्षेत्र की कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे न केवल आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी।
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान के खिलाफ एयर डिफेंस सिस्टम S-400 का इस्तेमाल किया था। इसका लॉन्ग रेंज रडार 600 किलोमीटर दूर से आने वाले दुश्मन के हवाई खतरों को डिटेक्ट कर सकता है। यह यूनिट एक साथ 100 से ज्यादा फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक करने की क्षमता रखती है। यह यूनिट स्ट्रैटेजिक बॉम्बर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट, टोही विमान, अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट, फाइटर जेट, आर्म्ड ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे खतरों को 400 किलोमीटर तक की दूरी से इंटरसेप्ट कर सकती है।
S-400 से 400, 250, 120 और 40 किलोमीटर रेंज की 4 अलग-अलग मिसाइलें दागी जा सकती हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है, जो करीब 600 किलोमीटर की दूरी से ही मल्टीपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है। ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही यह सिस्टम ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है।
Published on:
29 Apr 2026 04:09 am
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