राज्यसभा में आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सदन में हंगामे के बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
राज्यसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता सदन JP नड्डा ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले इंडिया अलायंस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को न तो बहस में रुचि है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संसदीय प्रक्रियाओं के प्रति कोई सम्मान है।
सदन में हंगामे के बाद विपक्ष ने किया वॉकआउट
राज्यसभा में हंगामे के बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। वॉकआउट के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रियंका गांधी ने कहा कि हम पश्चिम एशिया में हो रहे जंग पर बहस की मांग कर रहे हैं। इस समय पूरा देश संकट में है। देश में गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गई है। अभी और संकट आ रहा है। युद्ध पर राजनीति करना ठीक नहीं रहता। इस मामले पर पूरा देश एक है, लेकिन देश के लिए जो समस्या हो रही है, हम उसका समाधान चाहते हैं। इसलिए हम सद में बहस की मांग कर रहे हैं। अगर इस विषय पर चर्चा होगी तो हम सुझाव देंगे।
सदन से वॉकआउट पर JP नड्डा ने कहा- विपक्षी दलों का आचरण यह दर्शाता है कि उन्हें संविधान और संसद की कार्यवाही के नियमों का आदर नहीं है। इस तरह की राजनीति से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचता है। नड्डा ने आरोप लगाया कि जब एक सदस्य को शून्यकाल में बोलने का समय दिया गया, तब विपक्षी सांसदों ने लगातार व्यवधान उत्पन्न किया। उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसी भी मुद्दे पर खुलकर चर्चा करने के लिए तैयार है। विपक्ष चर्चा करने से भाग रहा है। विपक्ष का व्यवहार अशोभनीय है। नड्डा ने विपक्ष को नई सोच के साथ आगे बढ़ने और सार्थक बहस में भाग लेने की सलाह दी है।
सदन में शून्य काल के समय बीजेपी सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने OBC वर्ग से मुस्लिम समुदाय को बाहर किए जाने का मुद्दा उठाया था। चर्चा के समय के. लक्ष्मण ने कहा कि OBC आरक्षण का लाभ केवल सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को मिलना चाहिए और इसे धर्म के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए। बीजेपी विधायक ने तर्क दिया कि OBC वर्ग में मुस्लिमों को आरक्षण देने का प्रावधान संविधान में नहीं है।
BJP विधायक ने आगे कहा कि इस विषय पर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने भी पूर्व में आपत्ति जताते हुए इसे निरस्त किया था। विधायक ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि OBC मूल रूप से सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर निर्धारित की गई थी। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के नेता इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते थे। हालांकि, नियमों के मुताबिक ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन में विपक्ष के हंगामे पर JP नड्डा ने कटाक्ष किया है। नड्डा ने कहा- विपक्ष का यह व्यवहार इस बात का संकेत है कि उन्हें लोकतांत्रिक और संसदीय प्रक्रियाओं में विश्वास नहीं है। सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस से बचने का प्रयास कर रहा है। कुछ विपक्षी दल वर्षों से विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय वर्ग के लिए वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण की नीति अपनाते रहे हैं।