
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और इसमें वैधानिक फॉर्म-6 (Form 6) में किए गए बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। ओवैसी ने चुनाव आयोग की निर्णय लेने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत से अपने पुराने फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की है।
AIMIM के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, 'हमने अपने वकील के जरिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका और साथ ही एक समीक्षा याचिका (review petition) दायर की है। सुप्रीम कोर्ट जाने के पीछे हमारा एकमात्र मकसद यह बताना है कि चुनाव आयोग को कानूनी तौर पर एक सामूहिक निकाय के रूप में काम करना होता है, फिर भी, यह स्पष्ट नहीं है कि लिए गए फैसले सर्वसम्मत थे या कोई असहमति थी।
हमने समीक्षा याचिका इसलिए भी दायर की क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले की याचिका खारिज कर दी थी, हम वैधानिक गणना फॉर्म (statutory enumeration forms) में किए गए बदलावों को समझ नहीं पा रहे हैं और हमारे पास इसके बारे में जरूरी जानकारी नहीं है, ये सभी मुद्दे उस विस्तृत याचिका में शामिल हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि नए फॉर्म-6 में पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों से उनके पूर्वजों से जुड़ी जानकारी और पिछली एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से संबंध बताने जैसी अतिरिक्त शर्तें और घोषणापत्र जोड़ दिए गए हैं। ओवैसी का कहना है कि इन एकतरफा प्रशासनिक बदलावों से अल्पसंख्यक, प्रवासी और गरीब नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।
उन्होंने इन जटिल नियमों और शर्तों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह आम जनता की समझ से परे हैं। याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर इन एकतरफा बदलावों और बिना मंजूरी के लिए गए निर्णयों पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी में विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि, हमारा कहना है कि अगर आप (समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए) योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं- और हम भी यही चाहते हैं तो आइए बात करें। हम गठबंधन करेंगे। हम आज भी गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि उत्तर प्रदेश में BJP तीसरी बार सरकार न बना पाए।
जानकारी के लिए बता दें कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सितंबर में कानपुर की एक रैली में विपक्षी पार्टियों को अल्टीमेटम दिया था कि वे 2 अक्टूबर तक AIMIM को BJP-विरोधी गठबंधन में शामिल कर लें।