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पी चिदंबरम दिमागी नक्सल नहीं बल्कि प्योर नक्सल हैं- असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व गृह मंत्री पर बोला हमला

Political Controversy: असम CM हिमंत सरमा ने पी चिदंबरम को प्योर नक्सल बताया है। चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर सियासत गरम है। उनके गृह मंत्री कार्यकाल की जांच की मांग अब तेजी से उठ रही है।
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Aug 17, 2026
P Chidambaram-Himanta Biswa Sarma
फोटो में असम CM हिमंत सरमा और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम (इमेज सोर्स: ani)

P Chidambaram-Himanta Biswa Sarma: पी चिदंबरम के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर चिदंबरम ने खुद को इससे जोड़ते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन पर तीखा हमला बोला। सरमा ने कहा कि चिदंबरम ‘दिमागी नक्सल’ नहीं, बल्कि ‘प्योर नक्सल’ हैं। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री के कार्यकाल की जांच की मांग भी कर दी।

चिदंबरम के बयान पर भड़के हिमंत

हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब देश के पूर्व गृह मंत्री खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हैं, तो उनके कार्यकाल की जांच होनी चाहिए।

सरमा ने सवाल उठाया कि क्या चिदंबरम ने गृह मंत्री रहते हुए नक्सलवाद के खिलाफ जानबूझकर कोई बड़ा कदम नहीं उठाया था। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच जरूरी है।

यह विवाद चिदंबरम की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके जवाब में चिदंबरम ने लिखा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है।

PM मोदी के बयान से शुरू हुआ विवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ देश को बड़ी सफलता मिली है।

हालांकि, प्रधानमंत्री ने एक नई चुनौती की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने इसे ‘दिमागी नक्सल’ का नाम दिया। उनके मुताबिक, ऐसी विचारधारा रखने वाले लोग संस्थानों और नीति बनाने वाली जगहों पर प्रभाव डालने की कोशिश कर सकते हैं। PM मोदी ने लोगों से ऐसी सोच को पहचानने और उससे सतर्क रहने की अपील की।

सोनिया गांधी और कांग्रेस पर भी निशाना

हिमंत सरमा ने इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व पर भी हमला बोला। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के दौरान सामने आए एक वीडियो का भी जिक्र किया। BJP नेताओं ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं का व्यवहार राष्ट्रगीत का अपमान था।

हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया। पार्टी ने कहा कि सोनिया गांधी का उद्देश्य वंदे मातरम का अपमान करना नहीं था। कांग्रेस के मुताबिक, वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत सही तरीके से गाया जाए।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। चिदंबरम के बयान और हिमंत सरमा की प्रतिक्रिया ने ‘दिमागी नक्सल’ के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

Updated on:
17 Aug 2026 01:56 pm
Published on:
17 Aug 2026 01:56 pm