राष्ट्रीय

पहलगाम आतंकी हमला: लेफ्टिनेंट विनय की पत्नी के हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी, शुभम भी दो महीने पहले ही बना था दूल्हा

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम के आतंकी हमले ने 28 पर्यटकों की जिंदगियां छीन लीं, जिनमें तीन विवाहित जोड़े भी शामिल थे। करनाल के विनय नरवाल, कानपुर के शुभम द्विवेदी और छत्तीसगढ़ के दिनेश मिरानिया।

3 min read
Apr 23, 2025

Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर का पहलगाम, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए जाना जाता है, लेकिन 22 अप्रैल 2025 को यह स्वर्ग आतंक की आग में जल उठा। एक भयावह आतंकी हमले ने 28 पर्यटकों की जिंदगियां छीन लीं, जिनमें तीन नवविवाहित जोड़े भी शामिल थे। करनाल के विनय नरवाल, कानपुर के शुभम द्विवेदी और छत्तीसगढ़ के दिनेश मिरानिया। ये जोड़े अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने, हनीमून के खूबसूरत पलों को संजोने आए थे, लेकिन आतंकियों की गोलियों ने उनके सपनों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।

भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल

करनाल के 26 वर्षीय लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भारतीय नौसेना के अधिकारी थे। 16 अप्रैल को उनकी शादी हुई थी, और वे अपनी नई दुल्हन के साथ पहलगाम की बायसरन घाटी में हनीमून मना रहे थे। 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों के एक समूह पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। विनय ने अपनी पत्नी को सुरक्षित कर लिया, लेकिन खुद आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। उनकी पत्नी की एक तस्वीर, जिसमें वे अपने पति के शव के पास बेबस बैठी हैं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो हर देखने वाले की आंखें नम कर रही है। करनाल में उनके घर पर मातम पसरा है। परिवार के एक सदस्य ने कहा, “विनय हमारा गर्व था। उसने अपनी पत्नी को बचाया, लेकिन हम उसे नहीं बचा सके।

कानपुर के सीमेंट कारोबारी

कानपुर के श्यामनगर निवासी शुभम द्विवेदी, एक सीमेंट कारोबारी, अपनी पत्नी के साथ कश्मीर की वादियों में जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल बिताने आए थे। 12 फरवरी 2025 को उनकी शादी हुई थी, और यह उनकी पहली लंबी यात्रा थी। लेकिन बायसरन घाटी में आतंकियों ने उनका नाम पूछा और गोली मार दी। शुभम की पत्नी सदमे में हैं, और उनके परिवार में कोहराम मचा है। उनके पिता ने रोते हुए कहा, “मेरा बेटा अपनी दुल्हन के साथ खुशियां बटोरने गया था, लेकिन उसकी अर्थी लेकर लौटे।”

छत्तीसगढ़ का दिनेश, जिसके बच्चों ने देखा बाप का कत्ल

छत्तीसगढ़ के दिनेश मिरानिया अपने परिवार पत्नी और दो बच्चों के साथ पहलगाम घूमने आए थे। आतंकियों ने उनकी पत्नी और बच्चों के सामने ही उन्हें गोली मार दी। दिनेश की बेटी ने बताया, “पापा से आतंकियों ने कुछ पूछा, फिर गोली मार दी। हम चीखते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।” उनके परिवार ने कहा, “हमारे लिए दिनेश सब कुछ था। अब बच्चों का भविष्य कौन संवारेगा?” इस हमले ने न केवल एक पिता को छीना, बल्कि दो मासूमों के बचपन को भी अंधेरे में धकेल दिया।

हमले में 28 लोगों की मौत

पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। आतंकियों ने पर्यटकों से उनका नाम और धर्म पूछा, और फिर बेरहमी से गोलियां बरसाईं। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें यूएई और नेपाल के पर्यटक भी शामिल थे। देश भर में इस कायराना हमले की निंदा हो रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।

देश में गुस्साए लोग

यह हमला न केवल एक त्रासदी है, बल्कि उन परिवारों के लिए एक ऐसा जख्म है, जो कभी नहीं भरेगा। विनय, शुभम और दिनेश की कहानियां सिर्फ उनके परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे देश की हैं। सोशल मीडिया पर लोग इन नवविवाहित जोड़ों के लिए शोक व्यक्त कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “पहलगाम में जो हुआ, वह सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि हमारी खुशियों पर हमला है।” लोग सरकार से आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Updated on:
23 Apr 2025 02:20 pm
Published on:
23 Apr 2025 10:08 am
Also Read
View All

अगली खबर